पेंशन बहाली संघर्ष समिति दोबारा पेंशन बहाली को लेकर प्रदर्शन करते कर्मचारी।
हिसार। केंद्र सरकार की ओर से पहली अप्रैल से यूनिफाइड पेंशन स्कीम (यूपीएस) को लागू करने के विरोध में नेशनल मूवमेंट फॉर ओल्ड पेंशन स्कीम के बैनर तले पेंशन बहाली संघर्ष समिति सदस्यों ने काली पट्टी बांध कर विरोध जताया। जिला प्रधान दिनेश पाबड़ा के नेतृत्व में कर्मियों ने भाजपा जिलाध्यक्ष आशा खेदड़ को पुरानी पेंशन बहाली के लिए ज्ञापन सौंपा।
उन्होंने बताया कि कर्मचारी सरकार के तानाशाही रवैये के सामने नहीं झुकेंगे और आने वाली 1 मई को दिल्ली के जंतर मंतर पर पुरानी पेंशन बहाली के लिए राष्ट्रीय स्तर पर प्रदर्शन होगा। इस मौके पर महिला विंग प्रभारी स्वराज वर्मा, जिला महासचिव मनोज कुंडू, नरेश जांगड़ा, चरण सिंह, पंकज खटक, मनोज सिवाच, नितिन पुहाल, जेपी सोनी, रामकुमार सांगवाल, अनिल जांगड़ा, दलबीर सिंह, हनुमान बिश्नोई, महेश कुमार, सुभाष आर्य, सुभाष सैनी, अरविंद, दयावंती, कृष्ण खटक, मनिता, मधु आदि मौजूद रह।
सरकार के खिलाफ नारे सुनकर भड़कीं भाजपा जिलाध्यक्ष, बोलीं-मुझे नहीं पता था आप राजनीतिक कार्यक्रम बनाकर आएंगे
पुरानी पेंशन बहाली संघर्ष समिति के सदस्यों ने भाजपा कार्यालय के बाहर प्रदर्शन किया। सरकार के खिलाफ नारेबाजी सुनकर भाजपा जिला अध्यक्ष आशा खेदड़ गुस्सा हो गईं। उन्होंने कहा कि सरकार अपने आप नहीं बनी। आप लोगों ने एक-एक वोट डालकर सरकार को चुना है। जब पेंशन बंद हुई तो हमारी सरकार नहीं थी। मुझे नहीं पता था कि आप राजनीतिक कार्यक्रम बनाकर आएंगे। सरकार बनने के बाद उसके साथ खड़े रहना हमारा काम है। उन्होंने कहा, आप सरकार के कर्मचारी हैं और जनता के सेवक हैं।