हिसार। लघु सचिवालय स्थित वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग सभागार में मंगलवार को अतिरिक्त उपायुक्त सी. जयाश्रद्धा की अध्यक्षता में एनकोर्ड की समीक्षा बैठक हुई। जिला औषधि नियंत्रक ने बताया कि मार्च माह में 54 मेडिकल स्टोर की जांच की गई। रिकॉर्ड का मिलान न होने पर 14 मेडिकल स्टोर संचालकों को कारण बताओ नोटिस थमाया गया। इसके अलावा सात मेडिकल स्टोर संचालकों के लाइसेंस निलंबित कर दिए। दवा विक्रेताओं को ड्रग्स एक्ट के प्रावधानों का सख्ती से पालन करने के निर्देश दिए गए हैं। सिविल सर्जन ने बताया कि जिले के 101 गांव नशा मुक्त घोषित हो चुके हैं।
अतिरिक्त उपायुक्त ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि एनडीपीएस अधिनियम के मामलों में तुरंत एफआईआर दर्ज की जाए व जिले में नशे की डिमांड व सप्लाई पर रोक लगाई जाए। जिले में नशे से सबसे ज्यादा प्रभावित गांवों की मैपिंग कर एनडीपीएस के प्रत्येक केस की समीक्षा की जाए। इसके अलावा नशा मुक्त अभियान को प्रभावी ढंग से लागू किया जाए। स्कूलों और कॉलेजों में विद्यार्थियों को नशे के दुष्प्रभावों से अवगत कराने के लिए विशेष सत्र आयोजित करने के निर्देश दिए गए। इस पर अधिकारियों ने बताया कि सभी स्कूलों में शिक्षकों को नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है। जिले के 1041 सरकारी व निजी स्कूलों में ‘धाकड़ क्लब’ का गठन कर पेंटिंग, पोस्टर मेकिंग, स्लोगन लेखन, भाषण, वाद-विवाद और क्विज प्रतियोगिता करवाई जाती हैं।
सिविल सर्जन डॉ. सपना गहलावत ने डी-एडिक्शन सेंटरों की स्थिति पर रिपोर्ट प्रस्तुत की। उन्हाेंने बताया कि नागरिक अस्पताल स्थित ड्रग्स डी-एडिक्शन सेंटर, परिवर्तन अस्पताल और सेवा सदन डी-एडिक्शन सेंटर का निरीक्षण किया, जिसमें केंद्रों में उपलब्ध सुविधाओं, मरीजों को दी जा रहीं सेवाओं और पुनर्वास की स्थिति का आकलन किया गया।