हिसार। एकेडमिक बैंक ऑफ क्रेडिट (एबीसी) पोर्टल के लिए सभी उच्च शैक्षणिक संस्थानों को यूनिवर्सिटी ग्रांट्स कमीशन (यूजीसी) की तरफ से निर्देश जारी किए हैं। जिसमें कहा गया है कि उच्च शैक्षणिक संस्थानों में पढ़ने वाले विद्यार्थियों के क्रेडिट अपलोड करने के लिए संस्थानों को 31 दिसंबर 2024 तक का समय दिया जाएगा। इसके बाद उन्हें क्रेडिट अपलोड करने की अनुमति नहीं दी जाएगी। यह आईडी आधार से भी लिंक होगा। छात्रों को https://www.abc.gov.in/ के माध्यम से एबीसी पर रजिस्ट्रेशन करना होगा।
यूजीसी ने उच्च शैक्षणिक संस्थान (एचईएलएस) डिजिटल से मान्यता प्राप्त अकादमिक क्रेडिट को संग्रहीत करने के लिए एबीसी प्रणाली की स्थापना की। इससे अब स्टूडेंट्स को अपने मार्क्स के लिए परेशान नहीं होना पड़ेगा। अब सभी डिग्रियां एक जगह डिपॉजिट होंगी। इससे सभी डिग्रियां एक जगह सुरक्षित रहेंगी और दूसरे संस्थानों पर जाने पर इन्हें आसानी से देखा जाएगा। राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी) 2020 की सिफारिश के अनुसार, यूजीसी ने प्रत्येक छात्र के लिए इस प्रक्रिया को अनिवार्य कर दिया है। एकेडमिक बैंक ऑफ क्रेडिट के लिए रजिस्ट्रेशन करें। वहीं इसके साथ ही हर छात्र को एबीसी आईडी बनाना अनिवार्य होगा। इसके अलावा यूजीसी ने एबीसी आईडी को प्रवेश फॉर्म में एक अनिवार्य फील्ड कॉलम बनाने के लिए भी कहा था।
एबीसी से क्या होंगे फायदे
एबीसी आईडी बनाने के बाद विद्यार्थियों से जुड़े सारे प्रमाण पत्र, डिग्री समेत पूरी प्रोफाइल डिजीलॉकर में जमा हो जाएगा। वहीं पढ़ाई के दौरान या इसके बाद संस्थान बदलने पर आसानी से उसका क्रेडिट ट्रांसफर हो सकेगा। इससे स्टूडेंट्स को बार-बार परेशानी नहीं होगी और एबीसी आईडी से दूसरे संस्थानों को मिल जाएगी और विद्यार्थियों ककी वेरिफिकेशन करने में भी आसानी होगी। स्टूडेंट के पास यदि एबीसी में पुराने रिकॉर्ड जमा हैं तो वह पढ़ाई छोड़ने के बाद कभी भी दोबारा शुरू कर सकता है।