हिसार। सर्दी के मौसम में अधिक वसा वाला खाना खाने और व्यायाम न करने के कारण हार्ट फेल और अटैक के मामले बढ़ जाते हैं। नशा करना भी इसका एक मुख्य कारण है। यही कारण है कि पहले 50 वर्ष से अधिक की आयु के लोगों को हार्ट फेल या हार्ट अटैक आता था लेकिन अब युवा अवस्था में यह देखने को मिल रहा है। 20 प्रतिशत मामले युवाओं में हार्ट अटैक के सामने आ रहे हैं। सर्वेश अस्पताल के कार्डियोलॉजिस्ट डॉ. अभिषेक गुप्ता ने बताया कि हार्ट अटैक और हार्ट फेल होने से बचने के लिए योग और व्यायाम बहुत जरूरी है।
खान-पान, नशा, प्रदूषण मुख्य कारण
डॉ. अभिषेक गुप्ता ने कहा कि सर्दी के मौसम में नसें सिकुड़ जाती हैं। जिस कारण नसों में खून के धब्बे जमने लगते हैं। इसके अलावा हृदय में खून का प्रभाव सही तरीके से नहीं होता और इसी कारण से हार्ट फेल और हार्ट अटैक आता है। उन्होंने बताया कि सर्दी के मौसम में लोग अधिक वसा वाला खाना खाते हैं लेकिन उसे पचाने के लिए उतना परिश्रम नहीं कर पाते। जिस कारण कोलेस्ट्रॉल का स्तर बढ़ जाता है। इसके अलावा नशा और धूम्रपान हार्ट अटैक का सबसे बड़ा कारण बनता जा रहा है। लगातार नशा करने से हार्ट के साथ लीवर, फेफड़ों आदि पर भी गहरा असर पड़ता है। नशे के कारण व्यक्ति की नसें भी कमजोर हो जाती हैं और खून का संचार सही तरीके से नहीं हो पाता। प्रदूषण का असर भी स्वास्थ्य पर पड़ता है। काफी समय तक प्रदूषित वातावरण में रहने के कारण फेफड़े खराब हो जाते हैं और इसका सीधा असर हार्ट पर पड़ता है।
शुगर और बीपी के मरीज जल्दी आते हैं चपेट में
चिकित्सक का कहना है कि जो मरीज शुगर और बीपी से ग्रस्त हैं वे जल्दी बीमारियों की चपेट में आते हैं। इन मरीजों को हार्ट अटैक और हार्ट फेल की संभावना ज्यादा होती है।
पुरुषों में अधिक है हार्ट संबंधित बीमारी
चिकित्सक अभिषेक गुप्ता का कहना है कि रोजाना हृदय संबंधित बीमारी के 20 से 25 मरीज आते हैं। चिकित्सक का कहना है कि ओपीडी में आने वाले मरीजों में 40 प्रतिशत महिलाएं तो 60 प्रतिशत पुरुष शामिल हैं।
ये हैं लक्षण
सीने में हल्का दर्द होना।
पेट के ऊपरी हिस्से में जलन होना।
दोनों कंधों के पास दर्द होना।
अगर शरीर के किसी हिस्से में दर्द न हो तो व्यक्ति की सांसें फूलने लगती हैं।
अचानक पसीना आना।
ये हैं बचने के उपाय
सर्दी के मौसम में अधिक वसा वाला खाना न खाएं
धूम्रपान और नशे का सेवन न करें।
मौसम खुलने के बाद व्यायाम करें।
रात के समय का खाना 7 बजे से पहले कर लें।
लक्षण दिखने पर तुरंत चिकित्सक की सलाह लें।