हिसार। प्रदेश के पूर्व उपमुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला के पास वाई प्लस श्रेणी की सुरक्षा है जिसमें पायलट वाहन का प्रावधान नहीं है। वह एक स्कार्पियो को पायलट वाहन के तौर पर इस्तेमाल कर रहे थे, वह वाई प्लस के नियमों की अवहेलना है। मेरे पास दोनों पक्षों से शिकायतें आई हैं और मुझे एसआईटी इंचार्ज बनाया गया है। इस मामले की जांच एसआईटी कर रही है।
जीजेयू में जजपा व इनसो कार्यकर्ताओं के हंगामे के मामले की जांच के लिए गठित एसआईटी के इंचार्ज व डीएसपी कमलजीत रविवार को आयोजित प्रेस वार्ता में बताया कि निजी वाहन को पायलट गाड़ी के रूप में इस्तेमाल करने पर दुष्यंत चौटाला को नोटिस देने की तैयारी की जा रही है। जल्द ही उन्हें नोटिस दिया जाएगा।
वाई प्लस श्रेणी की सुरक्षाकर्मियों की एक टीम होती है। डीएसपी ने बताया कि सीआईए इंचार्ज पवन कुमार के हाथ में असलहा नहीं मोबाइल है। वीडियो में भी यह स्पष्ट दिखाई दे रहा है। जब भी असलहा दिया जाता है होता है तो उसकी रजिस्टर में एंट्री होती है। इंस्पेक्टर पवन के पास कोई भी असलहा नहीं था।
मिल गेट थाना के कर्मचारी ईएसआई राजकुमार से अभद्रता के मामले की जांच चल रही है। वह वाई प्लस सुरक्षा के मद्देनजर वहां खड़े हुए थे। इस मामले में 4 शिकायतें आई हैं। एक शिकायत दिग्विजय चौटाला, दूसरी दुष्यंत के सुरक्षाकर्मी प्रदीप, तीसरी शिकायत सीआईए पवन और चौथी शिकायत ईएसआई राजकुमार ने दी है। अगर दुष्यंत चौटाला हाईकोर्ट जाना चाहते हैं तो वह स्वतंत्र है और यह उनका अधिकार भी है। पुलिस ने दिग्विजय चौटाला को इस कारण से गिरफ्तार नहीं किया क्योंकि वे बड़े स्तर पर गिरफ्तारी देना चाहते थे। इस मामले में जो लोग प्रदर्शन में शामिल नहीं थे वो भी गिरफ्तारी देना चाहते थे। इसे हमने गलत समझा और इस वजह से उस दिन गिरफ्तार नहीं किया।