हिसार। पश्चिमी विक्षोभ के असर से शुक्रवार को प्रदेश के दक्षिणी व पश्चिमी जिलों में बारिश हुई। इस दौरान कहीं-कहीं ओलावृष्टि भी हुई। मौसम विशेषज्ञ के अनुसार पश्चिमी विक्षोभ के कारण उत्तरी राजस्थान पर चक्रवातीय परिसंचरण बन गया है। 28 व 29 मई को भी पश्चिमी विक्षोभ का प्रदेश में असर रहेगा। उधर, शुक्रवार को नौतपा का तीसरा दिन रहा, जिसका प्रभाव दिखाई नहीं दिया।
नारनौल स्थित राजकीय महाविद्यालय के एसोसिएट प्रोफेसर एवं मौसम विशेषज्ञ डॉ. चंद्रमोहन ने बताया कि शुक्रवार अलसुबह ही उत्तरी पर्वतीय क्षेत्रों में एक कमजोर श्रेणी के पश्चिमी विक्षोभ के प्रवेश करने की वजह से दोपहर से पहले ही उत्तरी राजस्थान पर एक चक्रवातीय परिसंचरण बन गया। इसके अलावा एक तिरछी टर्फ रेखा बनने से प्रदेश के हिसार, भिवानी, चरखी दादरी, झज्जर, महेंद्रगढ़, रेवाड़ी, गुरुग्राम, फरीदाबाद व पलवल में कई स्थानों पर शुक्रवार को 40-50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलीं। साथ ही गरज चमक के साथ बूंदाबांदी, बारिश व एक दो स्थानों पर ओलावृष्टि की गतिविधियां देखने को मिलीं। शाम साढ़े पांच बजे तक भिवानी में 8.0, ग्रुरुग्राम 1.0, नूंह में 3.0 व रेवाड़ी में 1.5 एमएम बारिश दर्ज की गई।
हरियाणा, एनसीआर व दिल्ली मे दोपहर से पहले पश्चिमी विक्षोभ के असर से नए बादलों का फुटाव हुआ और दोपहर बाद बारिश की गतिविधियों को दर्ज किया गया। शनिवार को इस प्रणाली से प्रदेश के उत्तरी जिलों पंचकूला, अंबाला, यमुनानगर, कुरुक्षेत्र, कैथल में कई स्थानों पर आंशिक प्रभाव दिखाई देने की संभावनाएं हैं।
प्रदेश में अधिकतम तापमान की स्थिति
सिरसा एडब्ल्यूएस 42.7
महेंद्रगढ़ एडब्ल्यूएस 41.7
नूंह एडब्ल्यूएस 41.6
बालसमंद हिसार 41.5
जगदीशपुर केवीके सोनीपत 41.0
बावल रेवाड़ी 40.4
पांडु पिंडारा जींद 40.3
गुरुग्राम केवीके 40.2
रोहतक 39.9
फतेहाबाद एडब्ल्यूएस 39.9
भिवानी 39.8