हांसी रामायण गांव में खाद केंद्र पर निरीक्षण करती हुई एसडीओ प्रीति वर्मा।
हांसी। उपमंडल में फसल बुआई का कार्य का पूरा जोरों पर है लेकिन किसानों को खाद के लिए परेशानी हो रही है। कृषि विभाग के अधिकारियों का कहना है कि खाद की कमी का कारण इस बार उपमंडल में पिछले वर्ष के मुकाबले ज्यादा बारिश होना है। क्योंकि बारिश के चलते कुछ किसानों ने दुबारा से फसल बिजाई की है। वहीं खाद केंद्रों पर कृषि विभाग के अधिकारी निरीक्षण भी कर रहे हैं।
उपमंडल में लगभग 75 प्रतिशत क्षेत्र की बिजाई किसानों की तरफ से की जा चुकी है। 22 से 24 जुलाई के बीच हैफेड, पैक्स सोसायटी, इफको व निजी दुकानों पर यूरिया व डीएपी खाद की बिक्री की गई है। खंड हांसी में लगभग 900 बैग यूरिया, 2,100 डीएपी बैग, खंड नारनौंद में 4,800 यूरिया बैग, 1,900 डीएपी बैग एवं खंड बास में 16520 यूरिया बैग, 2780 डीएपी बैग आए थे। जो की किसानों को वितरण किया जा रहा है।
कृषि एवं किसान कल्याण विभाग की एसडीओ प्रीति वर्मा ने बताया कि किसानों को समय समय पर यूरिया एवं डीएपी खाद उपलब्ध करवाई जा रही है। विभाग की तरफ से बुआई के मौसम में किसी प्रकार की खाद संबंधी कठिनाई न हो, इसके लिए अनेक कदम उठाए जा रहे हैं समय समय पर दुकान गोदामों की जांच की जा रही है। खाद की मांग को देखते हुए वितरण केंद्रों पर निगरानी बढ़ा दी गई है। खाद विक्रेताओं को निर्देशित किया गया है कि वे निर्धारित दरों पर ही खाद का वितरण करें एवं किसी भी प्रकार की जमाखोरी या कालाबाजारी न करें। खाद की उपलब्धता एवं वितरण पर निगरानी हेतु विभागीय अधिकारी नियमित निरीक्षण कर रहे हैं। किसानों से भी अपील करते हैं कि वे घबराएं नहीं और खाद के लिए पंजीकृत विक्रेताओं से ही खरीद करें। किसी भी प्रकार की शिकायत के लिए कृषि विभाग में शिकायत दर्ज करवा सकते है।