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डीटीपी ने ढहाया ‘मिनी पंजाब’

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साउथ बाईपास पर अवैध निर्माणों को ध्वस्त करते डीटीपी की जेसीबी - फोटो : Hisar
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हिसार। जिला योजनाकार विभाग ने मंगलवार को साउथ बाईपास पर तीन साल से चल रहे होटल एवं रेस्टोरेंट ‘मिनी पंजाब’ को जेसीबी की मदद से गिरा दिया। इसके अलावा विभाग ने करीब सात घंटे चली कार्रवाई के दौरान साउथ बाईपास पर ही बने प्रॉपर्टी डीलरों के चार कार्यालयों और छह गोदामों पर पीले पंजा चलवाया।
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जिला योजनाकार अधिकारी मंगलवार सुबह करीब 11 बजे पुलिस बल के साथ साउथ बाईपास पर पहुंचे। सबसे पहले अवैध रूप से बने प्रॉपर्टी डीलर के कार्यालयों को जेसीबी से ध्वस्त कराया। साथ ही अवैध रूप से बने औद्योगिक शेड व गोदामों को ढहाया गया। कार्रवाई करने से पहले विभाग की तरफ से सभी को नोटिस जारी किए गए थे, लेकिन किसी ने अपने स्तर पर अवैध निर्माण को नहीं हटाया।
1400 गज में दो मंजिला बना था होटल
विभाग ने साउथ बाईपास पर बने मिनी पंजाब नाम के होटल व रेस्टोरेंट को पूरी तरह ढहा दिया। यह होटल 1400 गज जमीन में बना था। इसका भवन दो मंजिला था। तीन साल से यह होटल चल रहा था। होटल के भवन को गिराने में विभाग को काफी मशक्कत करनी पड़ी। वहीं, होटल मालिक आत्माराम बिश्नोई ने बताया कि होटल की बिल्डिंग को बनने में छह माह का समय लगा था। बिल्डिंग बनने के दौरान विभाग का कोई अधिकारी यह कहने नहीं आया कि यह बिल्डिंग अवैध है। उसने जमीन की सीएलयू लेने की काफी कोशिश की, लेकिन नहीं मिली।
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हमने यह कार्रवाई करने से पहले सभी लोगों को नोटिस जारी किए थे। लॉकडाउन की वजह से विभाग को यह कार्रवाई करने में थोड़ा वक्त जरूर लगा। - जेपी खासा, जिला योजनाकार अधिकारी
डोगरान मोहल्ला से हटाया अतिक्रमण, महिलाएं बोलीं- शौचालय के लिए बनाया था कमरा
उधर, निगम निगम की बिल्डिंग शाखा ने मंगलवार करीब दो बजे डोगरान मोहल्ला में सरकारी जमीन पर किया अतिक्रमण हटवाया। कार्रवाई के दौरान लोगों ने विरोध किया, लेकिन पुलिस बल के कारण वह कार्रवाई को रोक नहीं सके। बता दें कि डोगरान मोहल्ला स्थित पुलिस चौकी के साथ लगती जमीन पर बनी भाट बस्ती के लोगों ने अवैध निर्माण किए हुए थे। इस बारे में सीएम विंडो पर शिकायत दी गई थी। अधिकारियों की मानें तो चार साल पहले इन लोगों को अवैध निर्माण हटाने के लिए कहा जा रहा था, लेकिन इन्होंने निर्माण नहीं हटाए।
वहीं, महिलाओं ने कहा कि उनकी बस्ती में शौचालय नहीं है। साथ में लगता सार्वजनिक शौचालय रात आठ बजे बंद हो जाता है। इसके बाद पुलिस चौकी में जाते हैं तो वो टोकते हैं। इसी कारण से उन्हें यह कमरा बनाया, जिसे वह शौचालय के रूप में इस्तेमाल करते हैं। महिलाओं ने कहा कि शहर में जगह-जगह लोगों ने कब्जे कर रखे हैं, लेकिन निगम को उनका ही कब्जा नजर आया। जब वोट मांगने की बात आती है तो नेता उनकी बस्ती में आते हैं।
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