हिसार। कैमरी गांव को महाग्राम योजना का लाभ दिलवाने के लिए डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार की जाएगी। इस कार्य के लिए सलाहकार नियुक्त किया जाएगा, जिसके लिए जनस्वास्थ्य विभाग की तरफ से टेंडर लगा दिया गया है।
प्रदेश सरकार की तरफ से 10 हजार से ज्यादा आबादी वालों गांवों को महाग्राम का दर्जा दिया गया है। इसके तहत सरकार की तरफ से शहरों की तर्ज पर सीवर व पेयजल सुविधाएं उपलब्ध करवाई जा रही है। कैमरी गांव को भी महाग्राम का दर्जा मिला हुआ है। कैमरी गांव से पहले गंगवा गांव को महाग्राम का दर्जा दिया जा चुका है। इसके तहत गांव में सीवर व पेयजल सुविधा उपलब्ध करवाने का काम चल रहा है। इस योजना का 50 प्रतिशत काम पूरा हो चुका है। अधिकारियों की मानें तो अगले साल यह काम पूरा होगा।
शहर से 9 किलोमीटर की दूरी पर है गांव कैमरी
अगर कैमरी गांव की बात करें तो यह गांव शहर से करीब 9 किलोमीटर की दूरी पर है। इसकी आबादी करीब 10 हजार है। हालांकि यह गांव शहर से एकदम सटा हुआ है। मगर, गांव में सीवर व पेयजल सुविधा उपलब्ध होने के बाद कैमरी में भी शहर जैसी सुविधाएं उपलब्ध हो जाएंगी।
जिले में इन इन गांवों को महाग्राम का दर्जा दिया
गंगवा व कैमरी के अलावा जिले के बालसमंद, आर्य नगर, सिसाय, बिठमड़ा, मंगाली आदि गांवों को महाग्राम का दर्जा मिला हुआ है।
यह रहेगी प्रक्रिया
डीपीआर तैयार होने के बाद उसे मंजूरी के लिए प्रदेश सरकार के पास भेजा जाएगा। डीपीआर मंजूर होने के बाद इसका एस्टीमेट और डिटेल एस्टीमेट तैयार कर मंजूर करवाए जाएंगे। इसके बाद टेंडर प्रक्रिया शुरू की जाएगी।
महाग्राम योजना के लिए डीपीआर तैयार की जाएगी। इसके लिए कंसलटेंट हायर करने के लिए टेंडर लगाया है।
आशीष गर्ग, एसडीओ, जनस्वास्थ्य विभाग