हिसार। अग्रोहा मेडिकल कॉलेज में चिकित्सकों ने नई विधि से वीरवार को अस्पताल में ब्लैक फंगस संक्रमण यानी म्यूकरमाइकोसिस के कुल सात ऑपरेशन किए। मरीजों को ऑपरेशन के बाद फंगस खत्म करने के लिए वैकल्पिक दवा दी गई हैं। इन मरीजों में पांच दिन में फंगस आगे नहीं फैला तो अस्पताल से छुट्टी देकर घर भेज दिया जाएगा।
मेडिकल कॉलेज के चिकित्सकों ने बुधवार को बैठक कर यह नई विधि अपनाने का फैसला लिया था। जिसमें ऑपरेशन में मरीजों की कम से कम नसें काटने का निर्णय लिया था। एंटी फंगल इंजेक्शन की दवा अभी अस्पताल में नहीं है। सोमवार शाम से ही मेडिकल कॉलेज में एंटी फंगल दवा का भंडारण खत्म है।
वीरवार को मेडिकल कॉलेज में ब्लैक फंगस के 10 नए मामले पहुंचे। इनको मिलाकर अब तक कुल ब्लैक फंगस के 124 मामले हो चुके हैं। फिलहाल अस्पताल के म्यूकरमाइकोसिस वार्ड में 84 मरीज दाखिल है। दवा के अभाव में चिकित्सक वार्ड में दाखिल मरीजों का हौसला बढ़ा रहे हैं, ताकि मानसिक रूप से वह अपनी हिम्मत ना हारे।
आंख रोग विशेषज्ञ डॉ. अपर्णा सिंघल अपनी टीम के साथ मरीजों को प्रेरित करनेे में जुटी हैं। हर मरीज के पास बैठकर कुछ समय तक बातचीत करने का सिलसिला शुरू किया है। इससे मरीजों में भी धैर्य नहीं टूटता।
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ऑपरेशन के बाद 3 मरीजों में नाक से संक्रमण हुआ खत्म
मेडिकल कॉलेज में ब्लैक फंगस के तीन मरीजों के ऑपरेशन के बाद नाक से फंगस संक्रमण खत्म हो चुका है। इन तीनों मरीजों को अस्पताल से छुट्टी देकर घर भेज दिया गया है। तीनों मरीजों ने इलाज के लिए दवा का प्रबंध बाहर से ही खुद अपने खर्च पर किया है।
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राहत: नहीं कोई मौत
राहत की बात यह है कि मेडिकल कॉलेज में वीरवार को ब्लैक फंगस संक्रमण के किसी भी मरीज की मौत नहीं हुई है। जो अच्छे संकेत है। अस्पताल में तीन दिन से दवा का भंडारण खत्म है। बुधवार को फंगस संक्रमण से छह मरीजों की मौत हुई थी।
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दोनों विभागों की टीम जुटी ऑपरेशन में
मेडिकल कॉलेज की ओर से आंख रोग विभाग एचओडी डॉ. प्रवीण रेवड़ी और ईएनटी विभाग की ओर से ईएनटी विशेषज्ञ डॉ. दिनेश, डॉ. सोनिया, डॉ. अनिल, डॉ. संचित, डॉ. फैज मोहम्मद और डॉ. मनोरमा सहित उनकी टीम ऑपरेशन से लेकर मरीजों की देखभाल में जुटी हैं। शुक्रवार को भी कुछ मरीजों को ऑपरेशन के लिए चुना है।
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लखनऊ से मंगवाई दवा...
2 मरीजों ने ब्लैक फंगस का इलाज में कारगर दवा का अपने स्तर पर प्रबंध किया है। एक मरीज ने तो लखनऊ से दवा का प्रबंध किया है। कुछ अन्य मरीज भी बाहरी जिले या राज्य से संपर्क साध रहे हैं।
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आवेदन के अनुसार ही मिलेंगे इंजेक्शन
डीसी डॉ. प्रियंका सोनी ने बताया कि ब्लैक फंगस बीमारी को अधिसूचित बीमारी घोषित करते हुए मरीजों के इलाज के लिए अम्फोटेरिसिन बी इंजेक्शन के आबंटन हेतु एक मैकेनिज्म तैयार किया है। इस इंजेक्शन की आवश्यकता वाले सभी अस्पतालों को स्वास्थ्य विभाग हरियाणा की वेबसाईट 222.द्धड्डह्म्4ड्डठ्ठड्डद्धद्गड्डद्यह्लद्ध.ठ्ठद्बष्.द्बठ्ठ पर उपलब्ध दिशा-निर्देशों के अनुरूप निर्धारित प्रोफार्मा पर ड्डद्वश्चद्धशड्ढद्धड्डह्म्4ड्डठ्ठड्डञ्चद्दद्वड्डद्बद्य.ष्शद्व पर ई-मेल के माध्यम से आवेदन करना होगा।