जिले के सरकारी डॉक्टर मंगलवार को अपनी मांगों को लेकर सुबह 8 से 10 बजे तक काम का बहिष्कार कर स्ट्राइक पर रहे। डॉक्टरों ने सिविल अस्पताल में सीएमओ दफ्तर के सामने धरना देकर विरोध प्रदर्शन किया। इस दौरान मरीजों को परेशानी का सामना करना पड़ा। इलाज देरी से शुरू होने पर ओपीडी का समय खत्म होने तक नंबर न आने पर 300 से ज्यादा मरीजों को बैरंग लौटना पड़ा।
हरियाणा मेडिकल सिविल सर्विसिज एसोसिएशन की प्रदेश स्तरीय बॉडी ने पहले से अपनी मांगों को लेकर राज्यभर में जिलावार मंगलवार को दो घंटे स्ट्राइक करने की घोषणा कर रखी थी। इसके चलते डॉक्टरों ने यहां सिविल अस्पताल में सुबह 8 से 10 बजे तक काम का बहिष्कार कर सीएमओ दफ्तर के सामने धरना देकर विरोध प्रदर्शन किया। एसोसिएशन के जिला उप प्रधान डॉ. कामिद मोंगा ने बताया कि राज्य में सरकारी डॉक्टरों की भारी कमी है। प्रदेश में डॉक्टरों के 3150 पद स्वीकृत हैं, जबकि कार्यरत हैं करीब 2000 डॉक्टर। पंजाब में हरियाणा के लगभग जनसंख्या होने के बावजूद वहां 5400 डॉक्टर काम कर रहे हैं। यही वजह है कि हरियाणा की जनता को स्वास्थ्य सेवाओं की कमी से जूझना पड़ रहा है और डॉक्टरों पर काम का बोझ है। उन्होंने कहा कि डॉक्टरों की भर्ती कर कमी को पूरा किया जाए, एसीपी की कठोर शर्तों को हल्का किया जाए और डॉक्टरों की सेवानिवृत्ति की उम्र 65 साल की जाए। इस मौके पर डॉ. यशपाल सिंह, डॉ. नरेश सत्संगी, डॉ. नरेंद्र कौशिक, डॉ. गुलशन मेहता, डॉ. रवींद्र सिंह समेत भारी संख्या में डॉक्टर मौजूद थे।
मरीजों को झेलनी पड़ी परेशानी
डॉक्टरों की दो घंटे की स्ट्राइक के चलते सिविल अस्पताल में पहुंचे मरीजों को परेशानी का सामना करना पड़ा। डॉक्टरों के काम पर लौटने पर मरीजों ने राहत की सांस ली। स्ट्राइक के दौरान अस्पताल में भीड़ ज्यादा बढ़ गई। जो डॉक्टरों के काम पर लौटने पर छंटने लगी। दो घंटे बाद उपचार शुरू होने पर ओपीडी खत्म होने तक काफी मरीजों की बारी नहीं आई। करीब 300 मरीजों को बिना इलाज कराए बैरंग लौटना पड़ा।
सिविल अस्पताल में तीन कर्मियों में झड़प
- मारपीट का आरोप लगा ड्यूटी का बहिष्कार
हिसार। सिविल अस्पताल में मलेरिया शाखा कार्यालय में स्टेनो महेंद्र सिंह सैनी और रिटायर्ड एमपीएचडब्यू देवेंद्र के बीच कहासुनी हो गई। डिप्टी सुपरिंटेेंडेंट प्रहलाद सिंह ने बीचबचाव का प्रयास किया तो उनसे मारपीट की गई। इसके खिलाफ क्लेरिकल स्टाफ सदस्यों ने काम का बहिष्कार कर दिया, जो बाद में लौट आए। दोनों पक्षों ने एक-दूसरे के खिलाफ अनाज मंडी चौकी में शिकायत दी है। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।
सिविल अस्पताल में तैनात डिप्टी सुपरिंटेंडेंट प्रहलाद सिंह ने बताया कि वह मलेरिया शाखा में मौजूद थे। वहां रिटायर एमपीएचडब्ल्यू देवेंद्र स्टेनो महेंद्र सैनी से बात कर रहा था। देखते ही देखते दोनों में बहस बढ़ गई और नौबत हाथापाई तक की आ गई। जब उन्होंने बीचबचाव किया तो देवेंद्र ने उनके साथ मारपीट की और फरार हो गया। इसका पता लगने पर क्लेेरिकल स्टाफ सदस्यों ने काम का बहिष्कार कर दिया और सीएमओ दफ्तर के आगे मीटिंग की। उन्होंने विरोध स्वरूप सीएमओ दफ्तर के सामने प्रदर्शन कर सीएमओ को एक ज्ञापन दिया। मीटिंग में सुपरिंटेंडेंट सतीश कुमार, ज्ञानीराम यादव, राजीव मेहता, मुकेश शर्मा, विकास, अनवर और अन्य शामिल थे। वे बाद में काम पर लौट आए। दूसरी तरफ देवेंद्र ने भी आरोप लगाने वाले कर्मियों के खिलाफ पुलिस को एक शिकायत दी है। उसने उन पर प्रताड़ित करने का आरोप लगाया है।
सिविल अस्पताल में कार्यरत दोनों पक्षों ने एक-दूसरे के खिलाफ शिकायत दी है। दोनों पक्षों को बुधवार को सुबह चौकी में तलब किया गया है। उनको आमने-सामने करने के बाद स्थिति का पता चल पाएगा। फिर भी मामले की जांच जारी है।
- चांदीराम एएसआई, इंचार्ज अनाज मंडी चौकी