सीएम विंडो पर आई शिकायत पर एक्शन न लेने के मामले में सिविल अस्पताल के डॉक्टरों ने सीएमओ को निलंबित करने पर नाराजगी जताई है। हरियाणा सिविल मेडिकल सर्विसेज एसोसिएशन (एचसीएमएस) शनिवार को सीएमओ कार्यालय में एकत्रित हुई और मीटिंग की। उन्होंने कहा कि सरकार ने सीएम विंडो के मामले में जो एक्शन लिया, उसका तरीका बेहद गलत है।
इस कार्रवाई से पहले कोई संदेश या कारण बताओ नोटिस भेजा जाना चाहिए था। आखिर कहां आपत्ति थी, इस बारे सीएमओ को सूचना भी दी जानी थी। उन्होंने चेतावनी दी कि सरकार इस मामले पर पुनर्विचार करे, वरना इस मामले को प्रदेश स्तर पर ले जाया जाएगा। एसोसिएशन ने फैसला लिया है कि जल्द ही एक प्रतिनिधिमंडल सीएम और स्वास्थ्य मंत्री से भी मिलेगा। एसोसिएशन के जिला अध्यक्ष डॉ. यशपाल ने बताया कि मामला 31 दिसंबर 2014 का है। उस वक्त तत्कालीन सीएमओ कोई और थे। जब डॉ. ग्रेवाल आए तो उन्होंने इस मामले की फिर नए सिरे से कमेटी गठित कर जांच करवाई और नियमों के अनुसार जो वास्तविक रिपोर्ट थी, वही तैयार कर भेजी गई थी। उन्होंने कहा कि दोनों ही जांच रिपोर्ट नियमों का अध्ययन करके वास्तविक स्थितियों के अनुसार की गई।
हो जाता है मनोबल कमजोर
एसोसिएशन सदस्यों ने कहा कि एक जिलास्तर के अधिकारी के खिलाफ अगर इस तरह की कार्रवाई हो तो एक अधिकारी का मनोबल कमजोर पड़ जाता है। सीएम विंडो में जो शिकायत की है, उसकी रिपोर्ट दी जा चुकी है। इस अवसर पर एसोसिएशन से डॉ. आशीष राणा, डॉ. सुधीर, डॉ. शमशेर, डॉ. सुनील, डॉ. एमके गर्ग, डॉ. ज्ञानेंद्र, डॉ. धर्मेंद्र, डॉ. जितेंद्र, डॉ. तरुण, डॉ. धर्मेंद्र कौशिक, डॉ. रविंद्र सहित अन्य चिकित्सक उपस्थित थे।
नहीं आए ऑर्डर, सीट पर बैठे रहे सीएमओ जेएस ग्रेवाल
उधर, पूरा दिन सीएमओ डॉ. जेएस ग्रेवाल पूूरा दिन अपनी सीट पर बैठे रहे। उनके कार्यालय में देर शाम तक कोई भी निलंबन के ऑर्डर फैक्स या मेल के माध्यम से नहीं पहुंचे। एसोसिएशन के प्रधान डॉ. यशपाल ने कहा कि विभाग के पास फिलहाल कोई ऐसा ऑर्डर नहीं आया है। फिलहाल ये सब मीडिया रिपोर्ट के आधार पर है।