कुलदीप जांगड़ा
हिसार। जिले में पहली बार ब्लैक फंगस संक्रमित यानी म्यूकरमाइकोसिस मरीज का ऑपरेशन कर आंख को निकाला गया। यह मरीज अग्रोहा मेडिकल कॉलेज के म्यूकरमाइकोसिस वार्ड में दाखिल है। ब्लैक फंगस संक्रमण के कारण मरीज की आंखों में गलन शुरू हो गई थी। जिस कारण चिकित्सकों को आंख निकालने का फैसला लेना पड़ा। ब्लैक फंगस के एक अन्य मरीज की आंख में भी गलन शुरू हो गई है। उसकी भी आंख निकालने की नौबत आ सकती है।
अग्रोहा मेडिकल कॉलेज के चिकित्सकों ने शनिवार देर रात तक ऑपरेशन करने के लिए शेड्यूल बनाया हुआ था, जिसके अनुसार मरीजों को ऑपरेशन किए जा रहे हैं। चिकित्सकों के मुताबिक ये दोनों मरीज 10 से 12 दिन बाद देरी से पहुंचे। जिस कारण संक्रमण अधिक फैल चुका था। अस्पताल में आने पर दोनों की जांच की गई तो दोनों की आंखों में संक्रमण के कारण गलन शुरू हो गई थी। इसलिए चिकित्सकों ने बिना देरी के ऑपरेशन करना बेहतर समझा। वरना गलन आगे भी खून में शुरू हो सकती थी। यदि ये मरीज अस्पताल में समय पर पहुंचते तो आंखें बच सकती थी।
शनिवार को मेडिकल कॉलेज में ब्लैक फंगस के 8 नए मामले पहुंचे। इन सभी मरीजों को म्यूकरमाइकोसिस वार्ड में दाखिल किया गया है। इस वार्ड में भर्ती मरीजों की संख्या 70 हो गई है। अस्पताल प्रशासन ने इस वार्ड में 50 बेड का प्रबंध किया था। अब अस्पताल प्रशासन को मरीजों की संख्या बढ़ने से बेड भी बढ़ाने पड़े। इस वार्ड में दो संदिग्ध मरीज भी भर्ती हैं।
एक तरफ फैला फंगस का संक्रमण
आंख रोग विभाग के एचओडी डॉ. प्रवीण कुमार ने कहा कि दोनों ही मरीजों के नाक से केवल एक आंख की तरफ ही ब्लैक फंगस का संक्रमण फैला है। जिससे एक ही आंख में गलन शुरू हुई। शायद हम दूसरी आंख को बचा पाएंगे।
चिकित्सक लगातार जुटे ऑपरेशन में
मेडिकल कॉलेज में पिछले 2 दिनों से लगातार म्यूकरमाइकोसिस मरीजों के ऑपरेशन किए जा रहे हैं। इसके लिए म्यूकरमाइकोसिस वार्ड के आंख रोग विशेषज्ञ डॉ. प्रवीण कुमार और ईएनटी विशेषज्ञ सहित अन्य चिकित्सक और स्टाफ नर्स से लेकर करीब 45 स्वास्थ्य कर्मवीर दिन-रात मरीजों की सेवा में जुटे हुए हैं। शनिवार को 13 मरीजों का ऑपरेशन हुआ। शुक्रवार को भी करीब 10 मरीजों का ऑपरेशन हुआ था।
दवा की कमी के चलते हिचकिचा रहे चिकित्सक
मेडिकल कॉलेज के पास म्यूकरमाइकोसिस इलाज में देने के लिए दवा एवं इंजेक्शन का स्टॉक बहुत कम बचा है। इस समय बाजार में भी ये दवाएं नहीं मिल पा रही हैं। मेडिकल कॉलेज में भी नई दवा नहीं आ रही है। ऐसे में चिकित्सक भी में मरीजों को अस्पताल में दाखिल करने से हिचकिचा रहे हैं। दवा की कमी के चलतेे किसी मरीज की जान नौबत में ना आए। हालांकि मेडिकल कॉलेज प्रशासन द्वारा सरकार को मांग भेजी हुई है।
सरकार को करवाया अवगत
जिले की ओर इस समय मरीज अधिक बढ़ रहे हैं। जिस कारण दवाओं की अधिक जरूरत है। इस बारे में भी सरकार को अवगत करवा दिया है। मेडिकल कॉलेज को जल्द ही दवा मिलने की उम्मीद है।
ब्लैक फंगस में जोड़
दवा की मांग भेजी है
फिलहाल हमारे पास म्यूकरमाइकोसिस के 76 मरीज दाखिल है। मरीजों की संख्या बढ़ने से बेड भी बढ़ाने पड़े हैं। हमने दवा की मांग भी सरकार को भेजी हुई है। एक मरीज की आंखों में संक्रमण अधिक था। इसलिए उसका ऑपरेशन किया गया है।
डॉ. नजीर अहमद पंडित, मेडिकल सुपरिंटेंडेंट, मेडिकल कॉलेज, अग्रोहा।
ये चिकित्सक जुटे ऑपरेशन में
मेडिकल कॉलेज की डायरेक्टर डॉ. गीतिका दुग्गल के निर्देशन में डॉ. अपर्णा, डॉ. सोनिया, डॉ. राहुल, डॉ. इशु बिश्नोई, डॉ. अनिल, डॉ. दिनेश, डॉ. भाग्या, डॉ. अनुराधा, डॉ. सुमित्रा, डॉ. विभा, डॉ. शीतल और डॉ. ज्योति शामिल हैं, जो ऑपरेशन से लेकर मरीजों की देखभाल में जुटे हैं।
अग्रोहा में भर्ती किस जिले के कितने मरीज
जिला मरीज
हिसार 32
भिवानी 14
सिरसा 12
फतेहाबाद 08
जींद 02
पानीपत 01
रेवाड़ी 01
(संवाद)