बालसमंद। आदमपुर विधानसभा क्षेत्र के गांव सुंडावास के ग्रामीणों को आज भी परिवहन सुविधा नहीं मिल पा रही है। सब तहसील मुख्यालय हर दिन जाना पड़ता है, लेकिन वहां तक के लिए परिवहन की कोई सुविधा नहीं मिल पा रही है। ग्रामीण दूषित पानी की समस्या से भी जूझ रहे हैं। गांव में बने वाटर टैंक की सफाई नहीं होने से उसमें गाद जमी है।
सुंडावास गांव हिसार से 25 किलोमीटर दूर है। बालसमंद कॉलेज की दूरी सुंडावास से मात्र पांच किलोमीटर है। परंतु यहां से न तो हिसार शहर के लिए कोई बस सुविधा है और न ही बालसमंद के लिए। गांव के विद्यार्थियों को परिवहन सेवा न मिल पाने के कारण पढ़ाई के लिए काफी परेशान होता है। बालसमंद कॉलेज में विद्यार्थियों को पैदल या प्राइवेट व्हीकल से जाना पड़ता है। गांव के सरकारी स्कूल में भी शिक्षकों की कमी है। वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय में टीजीटी विज्ञान और टीजीटी सामाजिक विज्ञान के अध्यापक ही नहीं है। यहां बैंकिंग की सुविधा भी नहीं है। गांव से 5 किलोमीटर दूरी पर बालसमंद गांव है। क्षेत्र की सुविधा की लिए बालसमंद में पुलिस चौकी, सब तहसील और बिजली निगम का कार्यालय है, लेकिन बालसमंद में आने-जाने के लिए किसी प्रकार की बस सुविधा उपलब्ध नहीं है। ग्रामीणों ने कई बार अधिकारियों और नेताओं को इस बारे में अवगत करवाया, लेकिन इस समस्या को दूर करने का कभी प्रयास ही नहीं किया गया। गांव में बने हेल्थ सेंटर की बिल्डिंग खस्ता हाल है। गांव में हेल्थ सेंटर में चिकित्सा सुविधा नहीं बढ़ाई गई है। गांव से हिसार जाने के लिए एकमात्र बस सुबह 7 बजे आती है। रोजाना विद्यार्थियों और ग्रामीणों के शहर जाना पड़ता है, लेकिन ग्रामीणों के लिए कोई अन्य बस सुविधा नहीं है।
गांव में बैंक सुविधा नहीं है। बैंक के कार्यों के लिए 7 किलोमीटर दूर रावलवास खुर्द या बालसमंद जाना पड़ता है। गांव में ही बैंकिंग सुविधा मिले तो बुढ़ापे में परेशानी नहीं झेलनी पड़ेगी। - झाबर सिंह।
गांव में हर साल गर्मी के दिनों में पेयजल संकट होता है। ग्रामीणों को एक हजार रुपये तक के पानी के टैंकर खरीदने पड़ते हैं। नेता आते हैं, चले जाते है, लेकिन धरातल पर समस्याओ की और कोई ध्यान नहीं देता।
- सरजीत सिंह।
शिक्षा व्यवस्था की और कोई ध्यान ही नहीं देता है। गांव के सरकारी स्कूल में अध्यापकों की संख्या कम है जिससे विद्यार्थियों को भारी परेशानी होती है। चुनाव के समय हर वोटर नजर आता है लेकिन स्कूल में कोई शिक्षक ही नहीं है।
- हवा सिंह।
गांव में बारिश के पानी की निकासी का उचित प्रबंध नहीं है। स्कूल के पास गलियों में पानी भर जाता है। जिससे मच्छर पनप जाते हैं और बीमार होने का खतरा बना रहता है। - हरपाल धायल सीए।
सरकार चाहे तो ग्रामीणों की बस समस्या एक कलम से दूर कर सकती है, लेकिन नेता यहां सिर्फ वोट लेने आते है कोई समस्या दूर करने नहीं आता।
- रावत सिंह।
क्षेत्र में नहरी पानी की मांग काफी पुरानी है। गांव में पीने के पानी और सिंचाई का पानी पर्याप्त नहीं है। गर्मियों के दिनों में धरातल का खारा पानी पीना पड़ता है।
- राहुल।
गांव की गलियों में अंधेरा रहता है। गांव में स्ट्रीट लाइट नहीं लगी हुई है। 24 घंटे जगमग योजना में बिजली तो रहती है, लेकिन गांव की गलियों का अँधेरा दूर करने के लिए हर गली स्ट्रीट लाइट लगी होनी चाहिए।
- विकास कड़वासरा।