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विवाद सुलझा : आजाद नगर जलघर काे मिलेगा अतिरिक्त पानी, सिंचाई विभाग नहरी मोगे का चार इंच बढ़ाएगा आकार

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हिसार। शहर के आजाद नगर जलघर का नहरी मोगे का आकार बढ़ाने को लेकर चल रहा विवाद सुलझ गया है। सिंचाई विभाग नहरी मोगे का आकार बढ़ाने को तैयार हो गया है। जल्द ही जलघर को दिए गए नहरी मोगे का आकार 12 से बढ़ाकर 16 इंच कर दिया जाएगा। इससे जलघर को अतिरिक्त पानी मिलने लगेगा।
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बता दें कि आजाद नगर जलघर में एक नया स्टोरेज टैंक बनाया गया है। मगर मोगे का आकार न बढ़ने के कारण जलघर को पूरा पानी नहीं मिल रहा है। इस वजह से नया टैंक पूरा नहीं भर पाता है। इसी को लेकर जनस्वास्थ्य विभाग ने सिंचाई विभाग से नहरी मोगे का आकार बढ़ाने की मांग की थी। विभाग का कहना था कि एरिया की जनसंख्या दोगुने से भी ज्यादा हो चुकी है। मगर सिंचाई विभाग इस बात पर अड़ा हुआ था कि उन्हें एरिया की सही जनसंख्या का डाटा उपलब्ध करवाया जाए।
जनस्वास्थ्य विभाग का तर्क था कि यहां रह रही ज्यादातर आबादी के वोटर कार्ड यहां के नहीं हैं और वर्ष 2011 के बाद का जनसंख्या का कोई सर्वे भी नहीं हुआ। ऐसे में उनके पास वर्तमान की जनसंख्या का डाटा नहीं है। आखिर में जनस्वास्थ्य विभाग ने जलघर से सप्लाई किए जा रहे पेयजल का डाटा सिंचाई विभाग के समक्ष रखा। इसके बाद सिंचाई विभाग नहरी मोगे का आकार बढ़ाने को तैयार हुआ।
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सप्लाई देने के साथ टैंक भी भरे जा सकेंगे

नहरी मोगे का आकार बढ़ने से जलघर को अतिरिक्त पानी मिलेगा। इससे यह फायदा होगा कि पेयजल आपूर्ति करने के साथ-साथ टैंक भी भरे जा सकेंगे। चूंकि अब 7 दिन नहर में पानी आता है और 15 दिन तक बंद रहता है। ऐसे में 7 दिन बाद जब नहर में पानी बंद होगा तो उस समय दोनों टैंक पूरे भरे होंगे, जिससे 15 दिन तक आसानी से पेयजल आपूर्ति की जा सकेगी।

दोनों टैंक की 19 करोड़ लीटर पानी स्टोरेज की क्षमता

जलघर में दो टैंक बने हैं। पुराने टैंक की क्षमता 12.45 करोड़ लीटर और नए टैंक की भंडारण क्षमता 6.55 करोड़ लीटर है। इस तरह से दोनों टैंक में 19 करोड़ लीटर पानी का भंडारण किया जा सकता है। इस पानी से पूरे एरिया में 15 दिन तक पेयजल आपूर्ति की जा सकती है।


स्वयं सहायता समूह की महिलाओं ने पेयजल सैंपल लेने किए शुरू
अमृत मित्र योजना के तहत स्वयं सहायता समूह की महिलाओं ने शहर से पेयजल के सैंपल एकत्रित करने की शुरू कर दिए हैं। जनस्वास्थ्य विभाग की योजना के अनुसार समूह की महिलाओं को प्रतिदिन 30 पानी के सैंपल लेने हैं। साथ ही 10 लीकेज और 10 दूषित पेयजल कनेक्शन की भी जानकारी एकत्रित करनी है। जनस्वास्थ्य विभाग की लैब में इन पानी के सैंपल की जांच की जाएगी। अधिकारियों की मानें तो लैब में सैंपल देने के 48 घंटे के बाद रिपोर्ट मिलेगी। वहीं स्वयं सहायता समूह की महिलाएं जिन लीकेज और दूषित पेयजल कनेक्शन की जानकारी विभाग को देंगी, उन्हें पर अधिकारियों को तुरंत कार्रवाई करनी होगी।
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