बालसमंद। बालसमंद अनाज मंडी में 3 माह में 2 करोड़ रुपये से विकास कार्य करवाए जाएंगे। इसका का काम भी शुरू हो चुका है। अनाज मंडी में विभिन्न सुविधाएं मिलने के बाद क्षेत्र के 30 गांवों सहित राजस्थान के क्षेत्र के किसानों को भी लाभ मिलेगा।
बालसमंद अनाज मंडी 1970 में चौधरी बंसीलाल के राज में शुरू की गई थी, जो 14 एकड़ क्षेत्र में फैली हुई है। इस अनाज मंडी में मूलभूत सुविधाओं का अभाव शुरू से ही रहा है। आदमपुर के विधायक ने विधानसभा में भी यह मुद्दा उठाया था।
मंडी में सुविधाओं की मांग के लिए बालसमंद के ग्रामीण भी सूबे के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी, पूर्व मुख्यमंत्री मनोहरलाल सहित अन्य नेताओं के सामने अपनी मांग रख चुके है। दो करोड़ से अधिक की राशि से अब मंडी की चहारदीवारी, चबूतरा, गेट, इंटरनल रोड, ऑफिस रिपेयर सहित अन्य कार्य करवाए जाएंगे। संवाद
मंडी में सुविधाओं का अभाव
मंडी में चबूतरा टूटा पड़ा है। बिजली, पानी, शौचालय, शेड व सरकारी धर्मकांटे की सुविधा नहीं है। इसके अलावा मंडी में सफाई नहीं होती। यहां अवैध कब्जे हो चुके हैं। यहां न तो कोई कर्मचारी और न ही कोई चौकीदार है।
30 से अधिक गांवों को होगा फायदा
बालसमंद अनाज मंडी में विकास कार्य होने से क्षेत्र के 30 से अधिक गांवों को इसका फायदा होगा। अनाज मंडी शुरू होने पर बालसमंद, बुड़ाक, बांडाहेडी, तेलनवाली, कुतियावाली, डोभी, खारिया, सुंडावास, भिवानी रोहिल्ला, सरसाना, गोरछी, बासड़ा, सीसवाला और किरतान सहित राजस्थान के कुछ हिस्से के किसानों को सीधा लाभ मिलेगा।
अनाज मंडी बालसमंद में सड़कें, चहारदीवारी, गेट सहित अन्य निर्माण कार्य शुरू कर दिए हैं। इसमें दो करोड़ से अधिक लागत आएगी। हमारा टारगेट सितंबर तक कार्य पूरा करने का रहेगा।
- आनंद, अधीक्षक अभियंता, हिसार।
क्षेत्र की समस्याओं को विधानसभा में जोर शोर से उठाया गया, जिस पर उचित कदम उठाते हुए दो करोड़ से अधिक राशि के कार्य शुरू हो चुके हैं। समय-समय पर अनाज मंडी का दौरा कर कार्यों का जायजा लेता रहूंगा और भविष्य में भी क्षेत्र की समस्याओं को उठाता रहूंगा।
- चन्द्रप्रकाश, विधायक आदमपुर।