हिसार। स्कूल, कॉलेज, यूनिवर्सिटी सहित सभी शिक्षण संस्थानों को खुलवाने को लेकर सोमवार को लॉकडाउन विरोधी मोर्चा के बैनर तले छात्र संगठनों ने विरोध जुलूस निकालते हुए प्रदर्शन किया। रेड स्क्वायर मार्केट से लघु सचिवालय तक नारेबाजी करते हुए विरोध जुलूस निकाल। करीब एक घंटे तक लघु सचिवालय के गेट पर घेराव किया।
छात्र नेता रीतिक, अमित बुआन, अनवर, गुरमेल ढाबी, सोनिया आजाद, विक्रम सिंघराण, डॉ. मनोज अठवाल सहित, आईसीएस कोचिंग सेंटर के संचालक परिमल कुमार ने कहा कि सरकार को 26 जनवरी तक अल्टीमेटम दिया है। अगर 27 जनवरी को शिक्षण संस्थान नहीं खोले गए तो जिले के सभी विद्यार्थी लघु सचिवालय के बाहर अनिश्चितकालीन धरना शुरू कर देंगे।
विद्यार्थियों ने कहा कि सरकार ने विद्यार्थियों से एडमिशन सहित अन्य प्रकार की पूरी फीस ले ली है, अब शिक्षण संस्थानों को बंद कर रही है। जिसका सभी छात्र पुरजोर विरोध करते हैं। विद्यार्थियों ने कहा कि हमने कोरोना की दोनों डोज भी लगवा रखी हैं। इसके बाद भी संस्थान बंद किए गए।
सरकार चुनावों के लिए रेलियां कर सकती और बाजार को 6 बजे तक खोल सकती है तो शिक्षण संस्थान क्यों नहीं खोल सकती। सरकार इन संस्थान को बंद कर ऑनलाइन शिक्षा को बढ़ाना चाहती है। जिससे सरकार शिक्षा खर्च से बच सके। सरकार लगातार शिक्षा के बजट में कटौती कर रही है।
ऑनलाइन एजुकेशन को बढ़ावा दे रही है।
विद्यार्थियों का कहना है हम शिक्षा का निजीकरण नहीं होने देंगे। इसलिए हमारे विश्वविद्यालयों और महाविद्यालयों को पूर्ण रूप से खोला जाए। हमारी ऑफलाइन कक्षाएं लगाई जाएं। परिमल कुमार ने कहा कि कोरोना के कारण शिक्षा व रोजगार सबसे ज्यादा प्रभावित हुआ है। अगर इसी तरह शिक्षण संस्थान बंद रहे तो हमारा देश शिक्षा के क्षेत्र में काफी पिछड़ जाएगा। शिक्षण संस्थान बंद होने से पहले भी 2 साल खराब हो गए हैं।
इन छात्र संगठनों ने किया प्रदर्शन
अखिल भारतीय एसोसिएशन, बाबा ग्रुप, डीएएसएफआई, स्कॉलर फाउंडेशन ट्रस्ट, भाईचारा स्टूडेंट्स ऑर्गेनाइजेशन, प्रोग्रेसिव स्टूडेंट्स फ्रंट, भारत की जनवादी नौजवान सभा, डॉ. आंबेडकर स्टूडेंट्स फेडरेशन ऑफ इंडिया, स्टूडेंट्स राइट्स एसोसिएशन, जमींदारा स्टूडेंट्स ऑर्गेनाइजेशन, एनएसयूआई, आईसीएस शिक्षण संस्थान, आंगनबाड़ी वर्कर्स, अध्यापक संघ व सहित हांसी, हिसार, नारनौंद, सिवानी,आदमपुर व उकलाना के कई विद्यार्थियों ने प्रदर्शन में हिस्सा लिया।