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Hisar News: सरकारी खरीद में देरी, भावांतर से राहत पर टिकी किसानों की आस

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नई अनाज मंडी में मूंग में झार लगाते मजदूर।
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हिसार। मंडियों में धान, बाजरा और मूंग की आवक शुरू हो गई है लेकिन खरीद शुरू न होने से किसान मंडियों में खुली बोली पर फसल बेच रहे हैं। एमएसपी से नीचे मिल रहे दामों ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है। अब उनकी आस भावांतर योजना पर टिकी है। हालांकि नियमों के फेर में नुकसान की पूरी भरपाई को लेकर संशय बरकरार है।
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जिले की मंडियों में अब तक 1,143 क्विंटल बाजरा और 71 क्विंटल मूंग की आवक हो चुकी है। सरकारी खरीद के अभाव में आढ़ती लैब में नमी की जांच के बाद खुली बोली के माध्यम से फसल खरीद रहे हैं। हिसार मंडी में बाजरा 2,200 से 2,500 रुपये प्रति क्विंटल तक खरीदा जा रहा है जबकि मूंग के भाव 7,200 से 7,300 रुपये प्रति क्विंटल हैं।

विपणन सत्र 2026-27 के लिए बाजरे का एमएसपी 2,900 रुपये, मूंग का 8,780 रुपये प्रति क्विंटल है। धान के सामान्य ग्रेड का एमएसपी 2,403 रुपये और ग्रेड-ए का 2,461 रुपये प्रति क्विंटल है। ऐसे में बाजरा और मूंग की बिक्री एमएसपी से कम भाव पर होने से किसानों को नुकसान उठाना पड़ रहा है।
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किसानों को उम्मीद है कि फसल का कम भाव मिलने पर भावांतर योजना के तहत अंतर की भरपाई होगी लेकिन उन्हें आशंका है कि खरीद प्रक्रिया पूरी होने के बाद कहीं नए नियम लागू न कर दिए जाएं। सरकार को योजना के प्रावधान स्पष्ट रखने चाहिए। - मनोज कुमार, किसान नेता, हिसार।

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सरकारी खरीद अभी शुरू नहीं हुई है लेकिन किसान बाजरा व मूंग की आवक लेकर मंडी में पहुंच रहे हैं। आढ़ती खुली बोली पर फसल खरीद रहे हैं। किसानों के नुकसान की भरपाई भावांतर योजना से की जाएगी। -अशोक कुमार, मंडी सुपरवाइजर हिसार।
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