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Hisar News: गर्भ में बच्चे की मौत, सिविल अस्पताल में चिकित्सकों पर लापरवाही का आरोप

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हिसार। नागरिक अस्पताल में शुक्रवार को एक महिला के परिजनों ने डॉक्टरों पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए शोर-शराबा किया। उन्होंने आरोप लगाया कि चिकित्सकों ने समय पर प्रसव नहीं कराया, इसी वजह से गर्भ में ही बच्चे की मौत हो गई। समय रहते डिलीवरी कराई जाती तो बच्चा बच जाता और 48 घंटों तक महिला को प्रसव पीड़ा से नहीं तड़पना पड़ता। परिजनों ने इस संबंध में पुलिस को शिकायत नहीं दी है। ढंढूर गांव के निवासी प्रवीन ने बताया कि उनकी मार्च 2025 में शादी हुई थी। पत्नी बबली पहली बार मां बनने वाली थी और 9 महीने की गर्भवती थी। प्रसव पीड़ा हुई तो वे उसे एक जनवरी की सुबह आठ बजे जिला नागरिक अस्पताल लेकर आए। यहां पर डॉक्टरों ने उसे भर्ती कर लिया। वह प्रसव पीड़ा से तड़पती रही, लेकिन महिला डॉक्टर यह कहती रहीं कि अभी समय पूरा नहीं हुआ है। महिला की नॉर्मल डिलीवरी होगी। इस पर उसकी हालत देखते बबली को एक निजी अस्पताल ले गए। जहां सिजेरियन डिलीवरी कराई गई। हालांकि, बच्चे की गर्भ में ही मौत हो चुकी थी। प्रवीण ने आरोप लगाया कि घंटों तक बबली दर्द से कराहती रही।
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उसने कहा कि अगर मेरी और बच्चे की जान बचानी है तो मुझे किसी निजी अस्पताल में भर्ती करा दो। प्रवीन के बड़े भाई राशम ने कहा कि जिला नागरिक अस्पताल के चिकित्सकों की लापरवाही से बच्चा आठ घंटे पहले ही गर्भ में मर गया। डॉक्टर ये ही कहते रहे कि नॉर्मल डिलीवरी होगी। सब ठीक है और फिर अचानक से कह दिया कि बच्चे की धड़कन कम हो गई है। वहीं इस मामले में पीएमओ रीना ने कहा कि उन्हें अभी तक लिखित में कोई शिकायत नहीं मिली है। ब्यूरो
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