हिसार में नशे की ओवरडोज से सूर्यनगर की गली नंबर 22 में रहने वाले अमित (32) की मौत हो गई। वीरवार सुबह विकास नगर में झाड़ियों में उसका शव मिला। हाथ में सिरिंज लगी थी और खून बह रहा था। उसका मोबाइल फोन भी गायब है। सूचना मिलने पर परिजन और शहर थाना पुलिस मौके पर पहुंची और शव को पोस्टमार्टम के लिए नागरिक अस्पताल पहुंचाया। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। वहीं, परिजनों का आरोप है कि पुलिस को पता होने के बाद भी नशा तस्करों पर कार्रवाई नहीं हो रही है।
रात 9:30 बजे हुई थी आखिरी बार बात
सूर्यनगर में रहने वाले विनित ने बताया कि भाई अमित रंग-रोगन का काम करता था। काफी समय से वह नशे का आदी था। बुधवार सुबह वह घर से निकला था। रात करीब 9:30 बजे भाई से बात हुई थी। भाई ने कहा था कि वह 15-20 मिनट में आ रहा है। उसके बाद भाई घर नहीं लौटा। कुछ देर बाद फिर से फोन किया तो फोन बंद आया। सुबह भाई की तलाश शुरू कर दी। एक परिचित गौरव ने फोन कर बताया कि विकास नगर में झाड़ियों में अमित का शव पड़ा है। मौके पर पहुंचे तो अमित के हाथ में सिरिंज लगी थी और हाथ से खून बह रहा था। उसका मोबाइल फोन गायब था।
दोस्ती में गई बेटे की जान
मृतक के भाई ने बताया कि आंबेडकर बस्ती और विकास नगर के कुछ एरिया में नशा खुलेआम बिकता है। इसके बावजूद पुलिस कार्रवाई नहीं कर रही है। अमित के पिता रमेश ने बताया कि बेटे के दोस्तों ने उसकी जान ली है। दोस्तों के कारण ही अमित को नशे की लत लगी। जब वह दोस्तों का फोन नहीं उठाता तो वे उसकी पत्नी के पास फोन कर उस पर दबाव बनाते। करीब 10 दिन पहले बेटे के दोस्तों को धमकाया भी था। बुधवार को भी उसके दोस्त उसको अपने साथ लेकर आए थे और उसे नशे की ओवरडोज दी, जिस कारण बेटे की मौत हो गई।