हिसार। उपायुक्त उत्तम सिंह ने शहरी स्थानीय निकाय विभाग के निदेशक को सॉलिड वेस्ट प्रोसेसिंग प्लांट के लिए नगर निगम को जमीन उपलब्ध करवाने को लेकर पत्र लिखा है। पत्र के माध्यम से उपायुक्त बीड़ बबरान के पास राजकीय पशुधन फार्म (जीएलएफ) की 55 एकड़ जमीन देने की मांग की है। पत्र के कहा गया कि नगर निगम को कचरा निष्पादन को लेकर जमीन की आवश्यकता है। निगम ने गांव बीड़ बबरान के पास जीएलएफ की 55 एकड़ 6 कनाल 16 मरला जमीन चिह्नित की है, जो एयरपोर्ट से 10 किलोमीटर दूर है। निगम की तरफ से इसकी निशानदेही करवाई जा चुकी है और माैके पर यह जमीन खाली पड़ी है। इसे लेकर जीएलएफ से पत्राचार किया गया है।
जीएलएफ ने बताया कि नगर निगम ने ढंढूर की 45 एकड़ 5 कनाल व 11 मरले के बदले बीड़ बबरान के पास 55 एकड़ 6 कनाल 16 मरले की मांग की है। साथ ही ढंढूर की जमीन की कीमत अधिक बताते हुए करीब 6.40 करोड़ रुपये की मांग की है, लेकिन जीएलएफ इससे सहमत नहीं है। जमीन का तबादला करने और कीमत के बारे में अंतिम फैसला लेने में सरकार ही सक्षम है। हालांकि उपायुक्त कार्यालय ने यह जमीन निगम को देने की सिफारिश की है। साथ ही यह कहा कि यह जमीन राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग की नहीं है तो इस जमीन को जीएलएफ से लेने को लेकर अपने स्तर पर सरकार के माध्यम से कार्रवाई की जाए। अगर जीएलएफ निगम को यह जमीन उपलब्ध करवाता है तो इसे लेकर कार्यालय को कोई आपत्ति नहीं है। हालांकि इसके लिए निगम प्रशासन को अपने स्तर पर संबंधित विभागों से एनओसी लेनी होगी।
कलस्टर स्तरीय प्लांट लगाया जाना है प्रस्तावित
शहरी स्थानीय निकाय विभाग की तरफ से शहर में कलस्टर स्तरीय सॉलिड वेस्ट प्रोसेसिंग एवं मैनेजमेंट प्लांट लगाया जाना प्रस्तावित है। मगर इसके लिए जमीन निगम की तरफ से उपलब्ध करवाई जानी है। इस प्लांट पर 11 निकायों के 480 टन कचरे का निस्तारण किया जाएगा। जिन 11 निकायों का कचरा यहां पहुंचेगा, उनमें हिसार, हांसी, बरवाला, उकलाना, नारनौंद, आदमपुर, सिवानी, फतेहाबाद, टोहाना, रतिया व भूना शामिल है। बता दें कि इससे पहले नगर निगम ने प्लांट के लिए हांसी के पास करीब 17 एकड़ जमीन का चयन किया था। मगर इस जगह तक जाने का रास्ता तंग होने के कारण इसे रद्द कर दिया गया।