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दाखिले से वंचित न रहें बेटियां, सेक्टर-17 की 6.1 हेक्टेयर आरक्षित जमीन पर बने नया महिला पॉलीटेक्निक

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संदीप रामायण
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हिसार। जिले में एक ओर राजकीय बहुतकनीकी शिक्षण संस्थान संस्थान की दरकार है। शहर में नए राजकीय महिला बहुतकनीकी संस्थान का निर्माण करने के लिए मुख्यमंत्री के नाम मांग पत्र लिखा गया है। कारण है शहर के एक मात्र बहुतकनीकी संस्थान हिसार की मौजूदा बिल्डिंग विद्यार्थियों की संख्या की तुलना में छोटी पड़ गई है। इस कारण बेटियों को दाखिला नहीं मिल रहा है।
भवन की कैपेसिटी करीब 2 हजार विद्यार्थियों की है, लेकिन इस संस्थान में करीब 3 हजार विद्यार्थी पढ़ाई कर रहे हैं। विद्यार्थियों के साथ-साथ करीब 200 कर्मचारियों का स्टाफ है, जिनमें शिक्षक व गैर शिक्षक कर्मचारी शामिल हैं। इसके साथ ही दूसरा सबसे बड़ा कारण है दिल्ली बाईपास स्थित राजकीय बहुतकनीकी संस्थान शहर का एकमात्र संस्थान है। इस संस्थान में हर साल 840 विद्यार्थी प्रथम वर्ष में दाखिला लेते हैं। जबकि दाखिले के लिए करीब 3 हजार तक आवेदन आते हैं। करीब 2 हजार संख्या में जिले के विद्यार्थी दाखिले से वंचित रह जाते हैं, इनमें करीब 800 से 1000 छात्राएं शामिल होती हैं। बहुतकनीकी संस्थान की ओर से शहर एवं नगर निकाय मंत्री डॉ. कमल गुप्ता व मेयर गौतम सरदाना के माध्यम से मुख्यमंत्री को मांग पत्र सौंपा गया है। संवाद
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पांच कोर्सों से शुरू हुआ था बहुतकनीकी संस्थान
वर्ष 1992 में दिल्ली बाईपास स्थित राजकीय बहुतकनीकी संस्थान की शुरुआत हुई थी। प्रारंभ में सिर्फ डिप्लोमा कोर्स थे व सिर्फ 90 ही विद्यार्थियों को दाखिला मिलता था। समय के साथ-साथ कोर्सों की डिमांड बढ़ती गई। अब 13 कोर्स करवाए जाते हैं। हर साल 840 दाखिले होते हैं। वर्तमान में सभी कक्षाओं में करीब 3 हजार विद्यार्थी पढ़ाई कर रहे हैं।
डिप्लोमा कोर्स के अलावा व्यवसायिक ट्रेनिंग भी दी जाती है
राजकीय बहुतकनीकी संस्थान में नियमित डिप्लोमा इंजीनियरिंग के अलावा तकनीकी शिक्षा विभाग की कई अन्य व्यावसायिक योजनाएं भी इस संस्थान में चलाई जा रही हैं। इन योजनाओं का उद्देश्य स्कूल छोड़ने वालों को व्यावहारिक प्रशिक्षण प्रदान करना और उन्हें रोजगार योग्य बनाना है।
इन शहरों में दो-दो बहुतकनीकी संस्थान
वर्तमान में अंबाला, सिरसा, फरीदाबाद और रोहतक में दो सरकारी व गैर सरकारी बहुतकनीकी संस्थान हैं। प्राचार्य ने बताया कि हिसार में दूसरा बहुतकनीकी संस्थान बनाने के लिए सेक्टर 16-17 में 6.1 हेक्टेयर जमीन शैक्षणिक संस्थान के लिए आरक्षित है। उन्होंने कहा कि अगर हिसार शहर में एक और बहुतनीकी संस्थान बनता है तो शहरी व आसपास के ग्रामीण क्षेत्र के विद्यार्थियों को फायदा होगा।
मौजूदा बिल्डिंग का ये है हाल
कर्मचारियों व विद्यार्थियों की संख्या के आगे संस्थान की मौजूदा बिल्डिंग अब छोटी पड़ चुकी है। पिछले साल शुरू हुए दो नए कोर्सों के लिए भी लेब बनाने के लिए भी कमरे नहीं मिल रहे हैं। ऐसे में संस्थान प्रबंधन को खासी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। गौरतलब है कि राजकीय बहुतनीकी संस्थान की शुरुआत वर्ष 1992 में हुई थी। शुुरुआत में सिर्फ पांच कोर्स शुरू हुए थे। इन शुरुआती पांच कोर्स के अनुसार ही बिल्डिंग का निर्माण हुआ था। इसके बाद साल दर साल संस्थान में कोर्स की संख्या बढ़ती गई व साथ ही विद्यार्थियों की संख्या भी बढ़ी। परंतु बिल्डिंग का विस्तार नहीं हो पाया।
निदेशालय को भेजा नए टीचिंग ब्लॉक का प्रस्ताव
राजकीय बहुतनीकी संस्थान में एक नया टीचिंग ब्लॉक के निर्माण का प्रस्ताव तकनीकी निदेशालय को भेजा गया है। निदेशालय से मंजूरी मिलते ही ब्लॉक निर्माण की अगली प्रक्रिया की शुरू की जाएगी। संस्थान प्रबंधन की ओर से एक तीन मंजिला टीचिंग ब्लॉक निर्माण करने की मांग की है। जिसकी एक मंजिल में 10 कमरे, 10 ऑफिस व लैब सहित अन्य कमरे बनाए जाएंगे।
हर साल काफी सारे विद्यार्थी एडमिशन से वंचित रह जाते हैं। अगर शहर में एक ओर बहुतकनीकी संस्थान का निर्माण हो जाता है तो विद्यार्थियों के लिए बहुत ही अच्छा होगा। - लक्ष्मी, राजकीय बहुतकनीकी संस्थान हिसार
हमारी सरकार से मांग है कि हिसार में एक ओर राजकीय बहुतकनीकी संस्थान बनाया जाए। इसके लिए हमारे संस्थान की ओर से भी मांग की है। नया संस्थान बनने ने जिले में तकनीकी शिक्षा को बढ़ावा मिलेगा। - राजकीय बहुतकनीकी संस्थान हिसार
शहर में एक ओर बहुतकनीकी संस्थान की सख्त जरूरत है। सीट भरने से हर साल हिसार के अनेक स्टुडेंट्स एडमिशन से वंचित रह जाते हैं। हमारी सरकार से मांग है कि इस नेक कार्य को जरूर पूरा करें। - राजकीय बहुतकनीकी संस्थान हिसार
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हिसार शहर एक बड़े शैक्षिक व ओद्यौगिक केंद्र के रूप में विकसित हुआ है। शहर में चार विश्वविद्यालय, छह डिग्री कॉलेज, तीन राष्ट्रीय अनुसंधान केंद्र हैं। इसलिए शहर और आसपास के क्षेत्रों के लोगों की शैक्षिक और रोजगार की जरूरतों को पूरा करने के लिए एक और बहुतकनीकी संस्थान की जरूरत है। हमने सरकार से मांग की है कि शहर में एक राजकीय महिला बहुतकनीकी संस्थान का निर्माण किया जाए। विद्यार्थियों व कोर्स की तुलना में मौजूदा बिल्डिंग छोटी पड़ गई है। हमें लैब के लिए भी कमरे नहीं मिल रहे हैं। हमने संस्थान की तरफ से एक तीन मंजिला टीचिंग ब्लॉक निर्माण का प्रस्ताव निदेशालय को भेजा है। - अशोक कुमार, प्राचार्य, राजकीय बहुतनीकी संस्थान हिसार
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