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Hisar News: घर छोड़कर ठिठुराती ठंड में न्याय के लिए डटीं बेटियां, प्रताड़ना के आरोपी कॉलेज चेयरमैन व अन्य के खिलाफ दर्ज की जा चुकी है प्राथमिकी

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नारनौंद। क्षेत्र के एक निजी कॉलेज में पढ़ने वाली बेटियां पिछले 18 दिन से न्याय की गुहार लगा रही हैं। हरियाणा महिला आयोग से लेकर चंडीगढ़ जाकर मुख्यमंत्री तक फरियाद कर चुकी हैं। उधर, आरोपी कॉलेज चेयरमैन, पत्नी और बेटे के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने के बावजूद पुलिस हाथ पर हाथ धरे बैठी है। मंगलवार को लगातार पांचवें दिन छात्राएं कॉलेज के सामने धरने पर बैठीं रहीं। इन्होंने आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए वीरवार तक का अल्टीमेटम दिया हुआ है। इसके बाद शुक्रवार को एसपी और डीसी कार्यालय पर प्रदर्शन किया जाएगा। उधर, छात्राओं के समर्थन में राजनीतिक, सामाजिक व छात्र संगठन लामबंद हो रहे हैं।
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छात्राओं ने कॉलेज के चेयरमैन जगदीश गोस्वामी सहित अन्य के खिलाफ मानसिक, शारीरिक व यौन उत्पीड़न जैसे गंभीर आरोप लगाए हैं। मंगलवार को छात्राओं ने एफआईआर में संशोधन भी करवाया। हालांकि इस बारे में पुलिस ने कुछ भी बताने से इन्कार किया है। पुलिस का कहना है कि सभी पक्षों के बयान लिए जाएंगे। इसके बाद छात्राओं के 164 के बयान दर्ज कराए जाएंगे। उपायुक्त ने एसडीएम विकास यादव को इस मामले में नोडल अधिकारी व कॉलेज का प्रशासक नियुक्त किया है। इससे पहले रविवार देर रात प्रशासन और छात्राओं में तीन मांगों पर सहमति बन गई थी और धरना भी उठा लिया था, लेकिन सोमवार सुबह फिर से विवाद हो गया। पुलिसकर्मियों के साथ धक्का-मुक्की हुई और छात्राओं ने फिर से धरना शुरू कर दिया।
समर्थन में संगठन लामबंद
मंगलवार को कई राजनीतिक, सामाजिक और छात्र संगठनों के प्रतिनिधि धरनास्थल पर पहुंचे। इनेलो के राष्ट्रीय संगठन सचिव उमेद लोहान, सतरोल खाप के प्रधान एडवोकेट संदीप खर्ब, जेजेपी के हल्का प्रधान ईश्वर सिंघवा, हर्ष पेटवाड़, किसान नेता हर्षदीप गिल, बलवान लोहान, व्यापार मंडल प्रधान प्रदीप ढांडा और कर्मचारी नेता मास्टर योगेन्द्र माजरा ने कहा कि सरकार को बेटियों को न्याय दिलाना चाहिए। छात्राएं इतने बड़े आरोप लगाने के लिए मजबूर हुई हैं तो इसकी निष्पक्ष और तेज जांच होनी चाहिए। प्रशासन ने ढुलमुल रवैया अपनाया तो आंदोलन और तेज किया जाएगा।
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कड़ाके की ठंड में भी धरना जारी
छात्राएं कड़ाके की ठंड के बावजूद कॉलेज के मुख्य गेट के बाहर टेंट लगाकर दिन-रात धरने पर बैठी हुई हैं। किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए मौके पर भारी पुलिस बल तैनात किया गया है। प्रशासन स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है।
सिर्फ आश्वासन, गिरफ्तारी अब तक नहीं
नर्सिंग छात्राओं ने 12 दिसंबर को हरियाणा महिला आयोग की चेयरमैन को आपबीती सुनाई थी। चेयरमैन ने कॉलेज में पुलिस तैनात करने और दस दिन में पंचकूला में सुनवाई का आश्वासन दिया। उपायुक्त ने भी छात्राओं की शिकायत पर कार्रवाई का आश्वासन दिया। इसके बाद छात्राएं सीएम से मिलीं, वहां से भी उन्हें दो दिन में कार्रवाई का भरोसा ही मिला। 28 दिसंबर तक 17 दिन में आरोपियों से न तो पूछताछ की गई और न ही प्राथमिकी दर्ज की गई। आखिर 18 वें दिन 29 दिसंबर को प्राथमिकी दर्ज की गई।

आरोपियों पर प्राथमिकी दर्ज कर पूरे मामले की गहनता से जांच की जा रही है, जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर निष्पक्ष कार्रवाई की जाएगी। - देवेंद्र नैन डीएसपी

घटनाक्रम पर नजर
12 दिसंबर: पीड़ित छात्राओं ने हिसार में हरियाणा महिला आयोग की चेयरमैन रेनु भाटिया के सामने आपबीती सुनाईं। कॉलेज चेयरमैन पर गंभीर आरोप लगाए। इसी दौरान मौजूद रहे चेयरमैन ने आरोपों को निराधार बताया।
18 दिसंबर: छात्राओं ने चंडीगढ़ में मुख्यमंत्री से मुलाकात कर न्याय की गुहार लगाई। सीएम ने दो दिन में कार्रवाई का आश्वासन दिया।
26 दिसंबर: छात्राओं ने कॉलेज के बाहर धरना शुरू कर दिया।
27 दिसंबर: कॉलेज के बाहर छात्राओं का धरना जारी रहा।
28 दिसंबर: उपायुक्त व एसपी ने छात्राओं से दो दौर की वार्ता की। तीन मांगों पर सहमति जताई। इस पर छात्राओं ने धरना उठा दिया। इसके साथ ही कॉलेज चेयरमैन, बेटे और पत्नी के खिलाफ लिखित शिकायत दी।
29 दिसंबर: छात्राएं फिर से धरने पर बैठीं। पुलिसकर्मियों ने जबरन उठाया तो धक्का-मुक्की हुई। तीन छात्राओं व एक महिला पुलिसकर्मी को चोटें आईं। पुलिस ने आरोपियों पर प्राथमिकी दर्ज की। छात्राओं ने धरने पर डटे रहने का एलान करते हुए कॉलेज चेयरमैन की गिरफ्तारी के लिए तीन दिन का अल्टीमेटम दिया।
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