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Haryana: आसमानी चोटियां नापने वाली बेटी रीना भट्टी को रोजगार और आर्थिक सहारे की दरकार, सीएम सैनी से लगाई गुहार

Fri, 18 Apr 2025 10:24 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, हिसार (हरियाणा)

सार

रीना बतातीं हैं कि वह रोजाना एचएयू के गिरी सेंटर में तीन से चार घंटे दौड़ का अभ्यास कर रही हैं। उनका सपना विश्व के 8000 मीटर से ऊंचे 14 पर्वतों को फतह करना है। इनमें से तीन पर्वतों का फतह कर चुकी हैं।
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रीना भट्टी पर्वतारोही - फोटो : संवाद
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विस्तार
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खिलाड़ियों को प्रोत्साहन देने में देशभर में अव्वल हरियाणा में अपने हुनर के दम पर प्रदेश का देश-विदेश में नाम कर रहीं बेटियां आर्थिक तंगी और रोजगार नहीं होने से विषम परिस्थितियों से जूझ रही हैं। इन्हीं में से एक पर्वतारोही रीना भट्टी को राज्य सरकार से अब तक कोई मदद नहीं मिली है।

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पर्वतारोहण के क्षेत्र में रीना भट्टी की उपलब्धियां देखकर हर किसी का चेहरा गर्व से दमक उठता है। रीना ने एवरेस्ट और ल्होत्से चोटी को एकसाथ मात्र 20.50 घंटे में फतेह कर राष्ट्रीय रिकाॅर्ड बनाया। हिसार जिले में बरवाला खंड के गांव बालक के ट्रैक्टर मैकेनिक की बेटी रीना ने बीते 5 वर्षों में देश-विदेश में 20 से ज्यादा चोटियों पर तिरंगा फहराया है।

रीना बतातीं हैं कि वह रोजाना एचएयू के गिरी सेंटर में तीन से चार घंटे दौड़ का अभ्यास कर रही हैं। उनका सपना विश्व के 8000 मीटर से ऊंचे 14 पर्वतों को फतह करना है। इनमें से तीन पर्वतों का फतह कर चुकी हैं। आगे की यात्रा के लिए सरकार से आर्थिक मदद और रोजगार की जरूरत है। ऐसा होता है तो शेष 11 पर्वतों को फतह करने का रास्ता आसान हो जाएगा।
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बस एक आस है- मेरी उपलब्धियों को भी मान दें...
रीना ने मुख्यमंत्री और खेल मंत्री के नाम पत्र लिखकर ए ग्रेड की सरकारी नौकरी देने और आर्थिक मदद की गुहार लगाई है। इसके साथ ही अपनी रिकॉर्ड-तोड़ उपलब्धियों को मान्यता देने की अपील भी की है। रीना ने लिखा मैं हिंदुस्तान की सबसे तेज पर्वतारोही, हरियाणा में हिसार के बालक गांव की ट्रैक्टर मिस्त्री की बेटी हूं। दुनिया की सबसे ऊंची चोटी एवरेस्ट और ल्होत्से को एक साथ सबसे कम समय में फतह किया।

बीते दिनों बेटियों के लिए आपका स्नेह देख, हिम्मत और उम्मीद जगी है…। बस एक आस है- मेरी उपलब्धियों को भी मान दें, ए ग्रेड की नौकरी और आर्थिक सहारा देकर एक बेटी को संबल बनाएं। एक बेटी को सरकार की पहचान और सहारा चाहिए, ताकि आगे की पर्वतारोहण यात्राओं के लिए समर्थन और आशीर्वाद मिलता रहे। सरकार के साथ से एक नहीं कई बेटियां उड़ान भरेंगी।

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