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Hisar News: बड़ा होकर बिजनेसमैन बनना चाहता था दैविक, फुटबाल खेलने का था शौक

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दैविक 
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आदमपुर। लाइसेंसी पिस्तौल से हुए हादसे में जान गंवाने वाला 12 वर्षीय दैविक पढ़ाई में होशियार था। वह बड़ा होकर बिजनेसमैन बनना चाहता था। उसे फुटबाल खेलने और घूमने-फिरने का शौक था। चार दिन बाद स्कूल की ओर से शिमला टूर पर जाना था जिसे लेकर वह काफी उत्साहित था।
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दैविक एक निजी स्कूल में पढ़ता था। स्कूल निदेशक धर्मवीर ने बताया कि पढ़ाई को लेकर उसकी कभी कोई शिकायत नहीं आती थी। वह अक्सर स्कूल में फुटबाल खेलता था। परिजनों के अनुसार घर जाने के बाद भी वह खेलने चला जाता था। वह शिक्षकों के सामने कई बार बड़ा होकर सफल बिजनेसमैन बनने की इच्छा जता चुका था। शिमला टूर की घोषणा के बाद से ही वह उत्साहित था।
छोटा भाई बार-बार पूछ रहा, कहां गया भैया
हादसे के बाद से दैविक का छोटा भाई अक्षत बार-बार अपने मम्मी-पापा से पूछ रहा है कि भैया कहां गए और उन्हें क्या हो गया। दोनों भाइयों में काफी प्यार था और वे साथ खूब खेलते थे। बेटे को खोने के बाद पिता रवि गोयल और मां का रो-रोकर बुरा हाल है। हादसे की जानकारी मिलते ही मां बेसुध हो गई थीं, जिन्हें परिजनों ने संभाला। घर वाले दैविक को प्यार से गोगी बुलाते थे।
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पिस्तौल मालिक घटना के समय बाहर गए हुए थे
हादसे में इस्तेमाल हुई .32 बोर की पिस्तौल का लाइसेंस ठेकेदार गौतम सुथार के नाम पर है। घटना के दिन मंगलवार को वह आदमपुर में नहीं थे। घर में छोटा बच्चा होने के बावजूद पिस्तौल ऐसी जगह रखी गई थी, जहां से कोई भी उसे उठा सकता था। पिस्तौल लोडेड थी और उसका लॉक भी नहीं लगा था। हथियार का लाइसेंस जारी करने से पहले आवेदकों को ट्रेनिंग दी जाती है, जिसमें उसे सुरक्षित रखने की हिदायत दी जाती है। इसके बावजूद बरती गई लापरवाही के कारण यह हादसा हुआ।
आज होगा पोस्टमार्टम
दैविक के शव का पोस्टमार्टम बुधवार को होगा। परिजनों के बयान भी दर्ज किए जाएंगे। पुलिस की आगे की कार्रवाई जांच और परिजनों के बयानों के आधार पर होगी।
हिसार में लाइसेंसी हथियारों से हुए हादसे
जनवरी 2026: गांधी चौक पर ज्वेलरी की दुकान चलाने वाले कपिल सोनी ने अपनी लाइसेंसी रिवॉल्वर से पेट में गोली मारकर आत्महत्या कर ली थी।
फरवरी 2026: खेदड़ गांव में 39 वर्षीय कर्मबीर ने मानसिक परेशानी के चलते अपनी लाइसेंसी रिवॉल्वर से कनपटी पर गोली मारकर आत्महत्या कर ली।
जून 2026: बिजनेस में करीब 35 लाख रुपये का घाटा होने पर कृष्णा नगर निवासी पीडब्ल्यूडी ठेकेदार ने अपनी लाइसेंसी बंदूक से माथे पर गोली मारकर आत्महत्या कर ली।
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