हिसार। शहर की वर्षों पुरानी डेयरी शिफ्टिंग परियोजना अब मंजूरी की दहलीज पर पहुंच गई है। नगर निगम ने प्रोजेक्ट की फाइल तकनीकी मंजूरी के लिए गुरुग्राम स्थित चीफ इंजीनियर कार्यालय भेज दी है। इससे लंबे समय से अटकी योजना को गति मिलने की उम्मीद है।
चीफ इंजीनियर प्रोजेक्ट के तकनीकी पहलुओं की जांच करेंगे। इसमें निर्माण कार्य के मानक, जमीन का ले-आउट प्लान, जल निकासी और अन्य बुनियादी सुविधाएं शामिल हैं। तकनीकी मंजूरी मिलने के बाद फाइल मुख्यमंत्री नायब सैनी की अध्यक्षता में गठित उच्चस्तरीय कमेटी के पास भेजी जाएगी।
सीएम की अध्यक्षता वाली कमेटी प्रोजेक्ट से जुड़े वित्तीय आवंटन, प्रशासनिक प्राथमिकताओं और क्रियान्वयन पर निर्णय लेगी। कमेटी की मंजूरी मिलने के बाद टेंडर प्रक्रिया शुरू होने की संभावना है। इसके बाद प्रोजेक्ट को धरातल पर उतारने के लिए काम शुरू होगा।
शहर के रिहायशी इलाकों में चल रही डेयरियों के कारण लंबे समय से परेशानी बनी हुई है। सड़कों पर घूमते मवेशियों से यातायात प्रभावित होता है। गोबर के कारण नालियां और नाले जाम होने की समस्या भी सामने आती है। इससे जल निकासी और सीवरेज व्यवस्था प्रभावित होती है।
डेयरियों की वजह से शहर में गंदगी और बीमारियों के फैलने का खतरा भी बना रहता है। प्रोजेक्ट के तहत शहर की डेयरियों को बगला रोड पर शहर की सीमा से बाहर बनाए जाने वाले व्यवस्थित और आधुनिक कॉम्प्लेक्स में शिफ्ट करने की योजना है। इससे रिहायशी क्षेत्रों को राहत मिलने की उम्मीद है।