बास। क्षेत्र में साइबर अपराधियों ने अलग-अलग गांवों के लोगों को निशाना बनाते हुए उनके बैंक खातों से 3 लाख 13 हजार रुपये की ठगी कर डाली। पीड़ितों ने तुरंत साइबर हेल्पलाइन 1930 पर शिकायत दर्ज करवाई, जिसके बाद पुलिस ने केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। साइबर थाना हांसी की टीम दोनों मामलों में लेनदेन के डिजिटल ट्रेल की जांच कर रही है। पुलिस का कहना है कि बैंक खातों में गए पैसों को ट्रैक किया जा रहा है और जल्द ही आरोपियों को पकड़ा जाएगा। साथ ही पीड़ितों की रकम वापस दिलाने का प्रयास किया जाएगा।
पहली वारदात : पेटवाड़ के संदीप के खाते से उड़ाए 2.24 लाख रुपये
गांव पेटवाड़ निवासी संदीप ने बताया कि 3 जून को दोपहर करीब 1 बजे वह उज्जीवन स्मॉल फाइनेंस बैंक में किसी काम से गया था। इसी दौरान उसके मोबाइल पर ओटीपी आने लगे और कुछ ही देर में दो मैसेज आए, जिनमें 1,28,109 और 95,915 रुपये कटने की सूचना मिली। खो से 2,24,024 रुपये निकलने पर उसने तुरंत बैंक अधिकारी को जानकारी देकर खाता फ्रीज कराया। इसके बाद साइबर हेल्पलाइन 1930 पर कॉल कर शिकायत दर्ज करवाई। पुलिस ने मामले की जांच कर भारतीय न्याय संहिता की धारा 318(4) के तहत केस दर्ज किया है और जांच की जिम्मेदारी साइबर थाना हांसी के एएसआई चंद्रशेखर को सौंपी गई है।
दूसरी वारदात : नाड़ा की गृहिणी के खाते से 89 हजार की ठगी
गांव नाड़ा निवासी कृष्णा को बैंकिंग की ज्यादा जानकारी नहीं है। 3 अगस्त की सुबह करीब 8:53 से 8:55 बजे के बीच उनके यूनियन बैंक ऑफ इंडिया (सीआर कॉलेज ऑफ एजुकेशन, हिसार शाखा) के खाते से कुल 89,000 रुपये निकाले गए। मोबाइल पर मिले मैसेज से पता चला कि 60,000 रुपये किसी रेखा नामक महिला और 29,000 रुपये लक्ष्मी नाम की महिला के खातों में यूपीआई के जरिये भेजे गए। जब उनके बेटे संदीप को इस ठगी की जानकारी मिली तो उन्होंने 1930 पर कॉल कर ऑनलाइन शिकायत दर्ज करवाई। पुलिस ने कृष्णा की शिकायत पर धारा 318(4) के तहत मामला दर्ज कर जांच की जिम्मेदारी साइबर थाना हांसी के एएसआई रामबिलास को सौंपी है।