खरीफ की फसलों की एमएसपी पर लगातार तीसरे दिन भी खरीद नहीं हो सकी। मंडी में बाजरा, मूंग व नरमा लेकर आए किसानों को सरकारी खरीद का इंतजार है और बार-बार उनको तारीखें मिल रही हैं। ऐसे में किसानों निजी खरीदारों के हाथाें कम दामों में फसल बेचने को मजबूर होना पड़ रहा है। फतेहाबाद में धान, बाजरा, नरमा व मूंग की फसल आनी आरंभ हो गई है।
हालांकि परमल धान की आवक काफी कम है, क्योंकि इस बार बाढ़ के कारण यह फसल खराब हो गई थी और किसानों ने दोबारा से धान की रोपाई की थी। लेकिन डुप्लीकेट बासमती धान की किस्म 1509 व 1692 की आवक जोरों पर है। इसके अलावा मूंग, बाजरा व धान की फसलें भी आ रही हैं, लेकिन तीसरे दिन भी इनकी सरकारी खरीद आरंभ कर दी है। किसान हरिओम करनौली, देसराज मानावाली ने बताया कि पहले किसानों को कहा गया था कि 15 सितंबर से फसलों की खरीद आरंभ हो जाएगी, लेकिन ऐसा नहीं हो पाया। इसके बाद 25 सितंबर से सरकारी खरीद आरंभ हो गई है, लेकिन तीन दिन बीत जाने के बाद भी सरकारी खरीद आरंभ नहीं हुई है, जिस कारण उनकी फसलाें को औने-पौने दामों पर खरीदा जा रहा है। फसलों के दाम निजी परचेजर काफी कम लगा रहे हैं।
मंडियों में बुधवार तक हजारों क्विंटल धान की आवक हो की है, वहीं बाजरे की एमएसपी पर खरीद का कोई जिक्र नहीं है। मंडी निरीक्षकों ने धान की नमी की जांच करते समय बताया कि मंडी में आए हुए धान में नमी का मात्रा सरकार द्वारा निर्धारित किए गए मान से अधिक है। एमएसपी पर खरीद करने के लिए धान में 17 प्रतिशत से ज्यादा नमी नहीं होनी चाहिए, लेकिन मंडी में रखे धान की लगभग सभी ढे़रियों में नमी 20 से 30 प्रतिशत तक नमी है।
अनाज मंडी में परमल धान की आवक काफी कम है, जिसकी सरकारी खरीद होती है। वहीं बाजरे की खरीद हैफेड द्वारा की जा रही है, लेकिन इसके डिस्कलर व टूटे दाने होने के कारण यह सरकारी पैमाने पर खरी नहीं है। वीरवार से खरीफ फसलों की खरीद आरंभ कर दी जाएगी।
-विनीत जैन, डीएफएससी, फतेहाबाद