फसल बीमा योजना के तहत जिले के 1120 किसानों ने कंपनी से मुआवजा मांगा है। कृषि विभाग ने सर्वे के बाद इन किसानों के दावे को सही मानते हुए मुआवजे के लिए रिपोर्ट भेजी है। अब किसानों को फसल मुआवजे की रकम का इंतजार है।
प्रदेश सरकार की ओर से फसल बीमा योजना को शुरू किया गया था। जिसमें बैंकों से लोन लेने वाले किसानों के खाते से किस्त काटकर उनका बीमा किया गया था। जिले में करीब 69428 किसानों की फसल का बीमा किया गया था। फसल बीमा योजना के तहत कृषि विभाग को 1643 आवेदन मिले। इन किसानों ने कहा कि उनकी फसल खराब हुई है। जिसमें धान की फसल खराब होने के मामले सबसे ज्यादा थे। नारनौंद, हांसी एरिया से यह आवेदन आए थे। विभाग ने जांच की तो पता लगा कि 523 किसानों के आवेदन दो बार किए गए थे। कुल 1120 किसानों के आवेदन सही मिले। जिसमें 3536 एकड फसल खराब होने का आकंलन किया गया है। इन सभी का कृषि विभाग , बीमा कंपनी प्रतिनिधि ने मौके पर जाकर सर्वे किया। कृषि विभाग ने किसानों के आंकलन को सही मानते हकुए इन्हें बीमा रकम देने के लिए रिपोर्ट दी है। किसानों को अब मुआवजे का इंतजार है।
31 दिसंबर तक होगा बीमा.....
कृषि विभाग ने गेंहू, जौ, चना, सरसों की फसल बीमा के लिए भी नोटिफिकेशन जारी किया है। जिसमें इन चारों फसलों के लिए किसान 31 दिसंबर तक बीमा करा सकेंगे। गेंहू के लिए प्रति हेक्टयर 825, चना 375, सरसों 412 रुपये का प्रीमीयम देना होगा। जिसमें किसान को बीमा योजना के अनुसार 1.5 प्रतिशत ही प्रीमीयम देना होगा। बैंक से लोन लेने वाले किसान को सी फार्म भरकर बैंक में जमा कराना होगा।
हमें बीमा के लिए 1643 आवेदन मिले थे। कुछ आवेदन दो बार किए गए थे। विभाग की ओर से 1120 किसानों को मुआवजा देने के लिए रिपोर्ट दी है। जल्द ही किसानों को फसल बीमा योजना के तहत बीमा रकम मिलेगी।
- वीएस फोगाट, कृषि उपनिदेशक, हिसार।