नकली चोट असली नोट मामले का खुलासा करने वाले एडवोकेट हरदीप को कोर्ट कांप्लेक्स में ही दो वकीलों ने जान से मारने की धमकी दी है। कोर्ट रूम में जज के सामने एक वकील ने एडवोकेट हरदीप को थप्पड़ तक मारने की कोशिश की। जज के समक्ष इस पूरे मामले के बाद हरदीप ने तुरंत कोर्ट को एप्लीकेशन दी। कोर्ट ने इस मामले में पुलिस को धमकी देने वाले वकीलों के खिलाफ केस दर्ज करने के ऑर्डर किए हैं। कोर्ट कांप्लेक्स चौकी पुलिस ने इस मामले में एडवोकेट महेंद्र सिंह नैन सहित दो वकीलों पर केस दर्ज कर लिया।
शिकायत में राजस्थान के चूरू जिला के धनोटी सौठी गांव निवासी हरदीप सिंह 20 नंवबर 2010 के नकली चोट असली नोट मामले में मिली जान से मारने की धमकी देने के केस में गवाही देने के लिए आए हुए थे। जेएमआईसी संजय वर्मा की कोर्ट में उनकी गवाही थी।
हरदीप ने बताया है कि गवाही के बाद जब उसकी डॉक्यूमेंट की एग्जीविट लग रही थी तो एडवोकेट महेंद्र सिंह नैन ने उसको थप्पड़ मारने की कोशिश की और जान से मारने की धमकी दी। बताया गया है कि कोर्ट ने भी इस दौरान दखल किया। इस संबंध में एडवोकेट महेंद्र सिंह नैन से अमर उजाला ने उनका पक्ष जानना चाहा, लेकिन उनका मोबाइल स्विच ऑफ मिला।
पुलिस घर तक छोड़कर आई हरदीप को
मौके के हालात देखते हुए कोर्ट ने तुरंत प्रभाव से पुलिस को केस दर्ज करने के आदेश दिए। कोर्ट ने ऑर्डर में लिखा कि उसे जान का खतरा है उसे घर तक सिक्योरिटी दी जाए। कोर्ट के आदेश पर पुलिस सिक्योरिटी में हरदीप को राजस्थान उसके घर तक छोड़ा गया।
एडवोकेट हरदीप की शिकायत पर एडवोकेट महेंद्र सिंह नैन व एक अन्य एडवोकेट के खिलाफ केस दर्ज कर लिया गया है।
- विजय पाल, एएसआई चौकी कोर्ट कांप्लेक्स।
यह था मामला
नकली चोट असली नोट मामला वर्ष 2007-08 में दर्ज हुआ था। इस मामले में 24 से ज्यादा डॉक्टरों को सजा हुई थी। जांच में मेडिकल बोर्ड ने पाया था कि पैसे लेकर झूठे एमएलआर बनाने के 46 केस सामने आए थे। इसमें 89 पीड़ितों की शिकायत दर्ज हुई थी। छह अस्पतालों में यह गोरखधंधा किया जाता था। इसमें एक डॉक्टर ऐसा भी था जिसने 21 झूठी एमएलआर बनाई थी। वहीं 24 मामले ऐसे थे जिनमें बाहरी राज्यों के लोगों ने हिसार आकर एमएलआर बनवाया था।