एडीजे अलका मलिक की फास्ट ट्रैक कोर्ट ने रेप का आरोप लगाने वाली एक महिला व उसके पति को हत्या प्रयास के मामले में दोषी करार दिया है। कोर्ट इस मामले में 23 नवंबर को सजा सुनाएगी।
दरअसल कोर्ट के पास इस केस संबंधित दो मामले (क्रॉस केस) पहुंचे थे। एक केस में सातरोड निवासी एक महिला ने बलकारा गांव निवासी नवीन पर दुराचार का आरोप लगाया था।
दूसरे केस में नवीन के मौसेरे भाई ने महिला व उसके पति पर नवीन को जान से मारने के इरादे से मारपीट करने का आरोप लगाया था। कोर्ट ने दुराचार मामले में नवीन को बरी कर दिया, जबकि दुराचार का आरोप लगाने वाली महिला व उसके पति को हत्या प्रयास मामले में दोषी करार दे दिया।
कोर्ट में चले अभियोग के अनुसार 16 जुलाई 2013 को हिसार सदर थाना पुलिस ने बलकारा निवासी जगदीश की शिकायत पर सातरोड निवासी एक व्यक्ति, उसकी पत्नी, पिता व चाचा पर हत्या प्रयास का केस दर्ज किया था। जगदीश का आरोप था कि उसके मौसेरे भाई नवीन के साथ सातरोड निवासी महिला के चार साल से अवैध संबंध थे। 14 जुलाई को महिला ने खुद फोन कर नवीन को अपने घर बुलाया।
इस दौरान महिला उसके पति, पति के पिता व चाचा ने उस पर लाठियों व डंडों से जानलेवा हमला किया। वहीं उस पर उल्टा दुराचार का केस दर्ज करवाया दिया। एडीजे कोर्ट ने इस मामले में सुनवाई करते हुए महिला व उसके पति को दोषी करार दे दिया जबकि दो अन्य लोगों को बरी कर दिया।