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व्यापारी से 10 लाख की चौथ मांगने का आरोपी निकला भतीजा, हैंड राइटिंग मैच हुई तो फंसा

Sat, 03 Sep 2016 12:41 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, हिसार
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चौथ - फोटो : bureau
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भगत सिंह रोड पर स्थित राजीव इलेक्ट्रॉनिक्स के स्वामी राजीव अग्रवाल को चिट्ठी भेजकर 10 लाख की चौथ मांगने के मामले में पटाक्षेप होने पर आरोपी का पता लगने पर सब हैरान रह गए। चिट्ठी भेजकर चौथ मांगने वाला कोई और नहीं, बल्कि राजीव अग्रवाल के भाई संजय अग्रवाल का लड़का और उनका सगा भतीजा तुषार निकला।
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तुषार उस समय गिरफ्त में आ गया, जब पुलिस ने भेजी गई चिट्ठी से हैंड राइटिंग मिलाने के लिए तुषार से कुछ लिखने को कहा। इस दौरान तुषार बिना पुलिस के कुछ कहे लिखने के बाद बताया कि चिट्ठी में यह शब्द ऐसे लिखा है, जबकि वह इस शब्द को ऐसे लिखता है। ऐसे में वह स्वयं ही अपने जाल में फंस गया। पुलिस ने आरोपी तुषार पर मामला दर्ज कर लिया है।

पांच मिनट बाद मिली अन्य चिट्ठी
मामले का खुलासा करते हुए शुक्रवार को एएसपी राजेंद्र कुमार मीणा ने बताया कि दोपहर को 1:20 बजे पुलिस किला चौकी के निकट राजीव अग्रवाल के आवास का निरीक्षण करने के बाद बाहर आई तो मात्र पांच मिनट बाद आवास में एक अन्य चिट्ठी मिलने की बात सामने आई, जिसमें लिखा था कि शाम 3:30 बजे तोशाम चुंगी पर पैसे भेज देना, मेरा आदमी लाल शर्ट में तुम्हें मिलेगा। वरना जान से हाथ धोना पड़ेगा।
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जल्दबाजी में लिखी चिट्ठी
पत्र मिलने के बाद उन्होंने मामले का गहनता से अध्ययन किया तो उन्होंने देखा कि चिट्ठी जल्दबाजी में लिखी गई है, जिससे उसकी राइटिंग साफ भी नहीं थी। इस पर उन्हें शक हुआ कि चिट्ठी भेजने वाला आसपास के क्षेत्र का ही कोई व्यक्ति है। इस पर पुलिस ने राजीव को किला पुलिस चौकी में बुलाया।

मीणा ने बताया कि चूंकि सीसीटीवी फुटेज में उसके आवास में चिट्ठी डालने वाला कोई 18-20 से साल का युवक है, जिसने अपने कंधों पर बैग टांगा हुआ है। इसके चलते एएसपी राजेंद्र मीणा ने राजेंद्र से उसके बेटे के बारे में पूछा, जिस पर राजीव ने बताया कि उसका लड़का करीब 15 वर्ष का है।

इसके बाद मीणा ने राजीव से उसके भाई के लड़के के बारे में पूछा व उसे मौके पर बुलाने की बात कही। पूछताछ में उसने बताया कि उसके भाई का लड़का 18 वर्ष का है और उसका नाम तुषार है। जैसे ही तुषार पुलिस के समक्ष आया तो पुलिस का शक और गहरा हो गया, क्योंकि उसने लाल रंग की टी-शर्ट पहनी हुई थी।

कांपने लगा तुषार, छूटे पसीने
मीणा ने तुषार को कुछ लिखने के लिए कहा और तीनों चिट्ठी से हैंड राइटिंग मिलाने लगे। इस दौरान तुषार कांपने लगा और उसके पसीने छूट गए। मीणा ने बताया कि इस पर तुषार अपने आप ही लिखे अक्षरों के बारे में बताने लगा और कहने लगा कि चिट्ठी में ये अक्षर ऐसे लिखा हुआ है, जबकि वह स्वयं इस अक्षर को ऐसे लिखता है।

इस पर मीणा ने तुषार को जग्गू लोहिया लिखने को कहा। जैसे ही उसने जग्गू लोहिया लिखा तो उसके द्वारा लिखा और चिट्ठी में लिखा जग्गू लोहिया मैच कर गया। इस पर तुषार ने चिट्ठी भेजकर चौथ मांगने की बात कबूल ली। खास बात यह है कि तुषार अपने परिवार के साथ आवास में प्रथम तल पर रहता है, जबकि राजीव अपने परिवार के साथ नीचे रहता है। पुलिस ने तुषार को हिरासत में लेकर जांच आरंभ कर दी है। इस अवसर पर डीएसपी नरेंद्र कादियान, सीआईए इंचार्ज कप्तान सिंह, सिटी थाना प्रभारी उमेद सिंह आदि उपस्थित थे।

व्यापारियों और एएसपी के बीच बहस
इससे पूर्व सर्व व्यापार मंडल के प्रधान बजरंग बंसल, संयोजक प्रवीन तायल और दुकानदार जब पुलिस चौकी में आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग करने पहुंचे तो इस दौरान व्यापारियों और एएसपी के बीच बहसबाजी हो गई। प्रवीन तायल ने कहा कि पुलिस आपराधिक घटनाओं को रोकने में नाकामयाब हो रही है।

इस पर एएसपी मीणा ने कहा कि आप अपने तरीके अपना लो। उन्होंने कहा कि आप यहां नेतागिरी कर रहे हैं। इस दौरान एएसपी और प्रवीन तायल के बीच तीखी नोक-झोंक हुई। इस बहसबाजी के करीब दो घंटे बाद एएसपी ने मामले की गुत्थी सुलझाते हुए सारी घटना का खुलासा कर दिया।

पित-चाचा में रहता था झगड़ा, परेशान करने के लिए लिखी चिट्ठी
सीआईए पुलिस इंचार्ज कप्तान सिंह ने बताया कि तुषार ने पूछताछ के दौरान बताया कि पिछले काफी समय से परिवार में उनके पिता संजय अग्रवाल और चाचा राजीव अग्रवाल का झगड़ा चला आ रहा था। इसके चलते उसके पिता संजय अग्रवाल काफी परेशान रहते थे।

इसका बदला लेने और अपने चाचा राजीव अग्रवाल को परेशान करने के लिए ही उसने चौथ वाली चिट्ठी उन्हें भेजी। कप्तान सिंह ने बताया कि तुषार बालिग है और 18 वर्ष का है, उसे शनिवार को न्यायालय में पेश किया जाएगा। वहीं राजीव अग्रवाल का कहना है कि उनका प्रॉपर्टी को लेकर बंटवारा तो जरूर होना था, लेकिन झगड़े जैसी कोई बात नहीं है। उनके भाई संजय अग्रवाल इस मामले में पूरी तरह निर्दोष है।
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