मुजादपुर में कथित तौर पर एक दलित के मुंह में जबरन गोबर डालने व बिटोड़े में आग लगाने के मामले में सदर पुलिस ने एक आरोपी को गिरफ्तार किया है।
पुलिस ने इस संबंध में पीड़ित रामधारी के बयान पर गांव के तीन लोगों मनोज, कृष्णा तथा पप्पू के खिलाफ मारपीट तथा एससीएसटी एक्ट के तहत मामला दर्ज किया था।
पुलिस ने सोमवार को मामले के एक आरोपी मनोज को गिरफ्तार कर लिया। वहीं पुलिस ने दूसरे पक्ष की कृष्णा के बयान पर भी पहले पक्ष के रामधारी, प्रकाश, छोटी देवी, पूजा, ऊषा, कर्मवीर तथा कृष्ण के खिलाफ मारपीट की धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है।
उधर इस प्रकरण को लेकर मुजादपुर के जाट समुदाय के ग्रामीण सोमवार को उपमंडलाधीश मुकेश सोलंकी तथा सदर थाना प्रभारी प्रहलाद सिंह से मिले।
उपमंडलाधीश सोलंकी को ग्रामीणों ने ज्ञापन सौंपा, जबकि सदर थाना में काफी देर तक पुलिस अधिकारियों से बातचीत हुई।
ग्रामीणों ने पुलिस तथा प्रशासन से निष्पक्ष जांच की मांग करते हुए दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। ग्रामीणों का कहना था कि कुछ लोग मामले को जातीय तूल देना चाहते है।
उन्होंने पुलिस से गुजारिश की कि मामले को खींचने की बजाए सच्चाई जान कर उसका हल निकाला जाए।
पुलिस ने उन्हें आश्वासन दिया कि पुलिस निष्पक्ष कार्रवाई करेगी। इस दौरान कांग्रेस तथा भाजपा से जुड़े कुछ लोग भी जाट समुदाय के लोगों के साथ मौजूद थे।
गौरतलब है कि मुजादपुर में दो समुदायों के बीच हुई मारपीट तथा आगजनी के मामले में सदर पुलिस ने दोनों पक्षों पर क्रॉस केस बनाते हुए कार्रवाई की है।
दलित संगठनों ने जहां पुलिस की भूमिका पर सवाल खड़े किए है, वहीं दूसरे पक्ष ने भी उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज किए जाने की बात की है।
सदर थाना प्रभारी प्रहलाद सिंह ने कहा है कि मामले के एक आरोपी मनोज को गिरफ्तार कर लिया गया है। उन्होंने कहा कि पुलिस मामले की गहनता से छानबीन कर रही है।