सोमवार को सीआईडी ने चौहान नगर में छापामारी करके वनस्पति ऑयल का भंडार पकड़ा है। आरोप है कि ऑयल को देसी घी बताकर सेल किया जाता है। स्वास्थ्य विभाग ने ऑयल के नमूने लेकर जांच के लिए प्रयोगशाला में भेजे हैं। पिछले कुछ दिनों से सीआईडी को निरंतर सूचनाएं मिल रही थीं कि शहर में कुछ लोग देसी घी के नाम पर ऑयल बेच रहे हैं। सूचना के आधार पर सीआईडी ने रेकी करनी शुरू कर दी। सोमवार को जैसे ही एक गाड़ी में वनस्पति ऑयल की पेटियां पहुंची तो सीआईडी ने छापा मारा। सीआईडी जवान जग्गा सिंह, बलजिंद्र सिंह ने गोदाम में रखी जा रही ऑयल की पेटियों को धर दबोचा। गोदाम के भीतर रखी पेटियां देखकर सीआईडी जवानों के भी होश उड़ गए। सूचना पाकर मौके पर पहुंची सीआईए डबवाली की टीम ने गोदाम का घेरा डाल लिया। एसएमओ एमके भादू और केमिकल निरीक्षक बृजलाल ने मौके पर पहुंचकर वनस्पति ऑयल के सैंपल भरे, जिन्हें जांच के लिए प्रयोगशाला में भेजा जाएगा।
कहीं पर नहीं लिखा यह देसी घी : गोदाम संचालक
मौके पर उपस्थित गोदाम संचालक दीपक कुमार ने बताया कि मनमीत, दीप क्लासिक, केदार और चंदन नामक कंपनियों का वनस्पति ऑयल बेचता है। कहीं पर यह नहीं लिखा कि यह देसी घी है। करीब डेढ़-दो साल पहले उसकी 200 पेटियां पकड़ी गई थीं, उस समय सैंपल पास आया था। उसने उपरोक्त कंपनियों के सामान का बिल मुहैया करवा दिया है।
विभाग ने 38 पेटियां ली कब्जे में
वनस्पति ऑयल पानीपत, हिसार और आगरा में तैयार होता है। सिरसा, फतेहाबाद और हिसार में इसके डीलर हैं। डबवाली में काफी समय से उपरोक्त ऑयल सप्लाई हो रहा है। सोमवार को 93 पेटियों की डिलीवरी फतेहाबाद से हुई थी। चौहान नगर में 55 पेटियां उतार दी गईं। 38 पेटियां गाड़ी में थीं। दोनों के अलग-अलग बिल बने हुए थे। उपरोक्त मामला सामने आने के बाद 38 पेटियों के मालिक ने उपरोक्त डिलीवरी लेने से ही इंकार कर दिया। इसके बाद स्वास्थ्य विभाग ने 38 पेटियों को अपने कब्जे में ले लिया।
एक पेटी में 18 लीटर ऑयल
थोक मूल्य 80 रुपये प्रति लीटर है। थोक विक्रेता रिटेलरों को 85 रुपये प्रति लीटर मुहैया करवाते हैं। रिटेलर उपभोक्ताओं को 120 से लेकर 131 रुपये प्रति लीटर की दर से बेचते हैं। सीआईडी का दावा है कि इसे देसी घी बताकर बेचा जाता है। एक पेटी में 18 लीटर ऑयल है।
डबवाली में काम करते हैं चार लोग
वनस्पति ऑयल मालिक दीपक ने बताया कि वह अकेला डबवाली में उपरोक्त ऑयल सप्लाई नहीं करता। उसके साथ तीन ऐसे लोग भी हैं, जिनका बड़े स्तर पर कार्य है। शहर के लगभग सभी किराना शॉप पर उनका माल ही सप्लाई होता है।
वर्जन
सैंपल को जांच के लिए चंडीगढ़ स्थित प्रयोगशाला में भेजा जाएगा। जो सैंपल लिए गए हैं, उनकी रिपोर्ट 14 दिनों के भीतर आ जाएगी। रिपोर्ट के बाद ही आगामी कार्रवाई की जाएगी।
-एमके भादू, एसएमओ, डबवाली