जाट आरक्षण आंदोलन के चलते हुई जातीय हिंसा में लालपुरा गांव के 23 वर्षीय युवक मिंटू गुर्जर की हत्या कर दी गई है।
आरोप है कि सोमवार को उसकी हत्या की गई थी लेकिन शव मंगलवार की सुबह ढाणी पाल के खेतों से बरामद किया गया। घटना के बाद क्षेत्र में एक बार फिर से तनाव की स्थिति पैदा हो गई है।
सिविल अस्पताल में तीन चिकित्सकों के बोर्ड ने शव का पोस्टमार्टम किया है। मिंटू को दो गोली लगी थी। एक गोली छाती में तो दूसरी गर्दन के पास मारी गई है।
घटना के बाद सिविल अस्पताल में पहुंचे उपायुक्त डॉ. चंद्रशेखर खरे तथा पुलिस अधीक्षक अश्विन शैणवी के समक्ष गुर्जर समाज के लोगों ने अपनी जमकर भड़ास निकाली।
मृतक के परिजनों ने शव का अंतिम संस्कार करने से पूर्व प्रशासन के समक्ष अपनी कई मांग रख दी है। जानकारी के मुताबिक मंगलवार की सुबह पुलिस को मिंटू के परिजनों ने सूचना दी कि खेतों में उसका शव पड़ा हुआ है।
पुलिस को दी शिकायत में रामअवतार ने कहा है कि सोमवार को मिंटू अपने चाचा कृष्ण के साथ ढाणी पाल स्थित अपनी रिश्तेदारी में आया था। दरअसल ढाणी पाल में मिंटू के बुआ के लड़के संजय गुर्जर पर दो दिन पूर्व हमला हुआ था।
इस दौरान संजय के पैर में गोली लगी थी तथा उपद्रवियों ने उसके घर में आग लगा दी थी। इसी घटना की जानकारी मिलने के बाद कृष्ण तथा उसका भतीजा मिंटू सोमवार को ढाणी पाल आए थे।
यहां फिर से गोलीबारी हुई थी जिसमें कृष्ण के पेट में गोली लगी थी। कृष्ण को तो यहां सिविल अस्पताल लाया गया था, लेकिन मिंटू का कहीं पता नहीं चल सका था।
काफी खोजबीन के बाद उसका शव कुछ दूरी पर खेतों से बरामद हुआ। रामअवतार ने पुलिस को शिकायत देकर सिसाय के तीन लोगों के नाम देते हुए करीब 75 लोगों की भीड़ को इस हमले का जिम्मेदार ठहराया है।
पुलिस ने केस दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है।