पुलिस ने रोडवेज जीएम की टीम पर हमले के आरोप में जवाहर नगर निवासी महिला धनपती को अदालत में पेश किया, जहां उसकी जमानत मंजूर कर ली गई। जबकि उसके तीन बेटों समेत चार आरोपियों को जेल भेज दिया गया।
पुलिस ने महिला आरोपी धनपती को बुधवार रात ड्यूटी मजिस्ट्रेट के सामने पेश किया था, जहां से उसे वीरवार तक जेल भेज दिया गया था।
वीरवार को अदालत ने उसकी जमानत मंजूर कर ली। पीएलए चौकी के एएसआई सुरेंद्र कुमार और मेहर सिंह की टीम ने महिला आरोपी के बेटों राजेश, राकेश, विनोद और एक अन्य चौधरीवास के पवन को न्यायिक दंडाधिकारी आशीष कुमार शर्मा की अदालत में पेश किया, जहां से चारों को शुक्रवार तक जेल भेज दिया। विदित रहे कि रोडवेज जीएम रामकुमार भुक्कल, वर्कशॉप मैनेजर जितेंद्र यादव और टीम के अन्य सदस्य बुधवार को अवैध सवारी ढोने वाले वाहनों पर शिकंजा कसने के लिए फव्वारा चौक पर पहुंचे थे।
वहां कुछ जीप चालक अवैध रूप से सवारियां भर रहे थे। जीएम की टीम ने एक जीप को कब्जे में ले लिया था। जीप को बाद में सिविल लाइन ले जाया जा रहा था। एचएयू के गेट नंबर चार के सामने एक महिला और पांच-छह लोगों ने टीम के सदस्यों को घेर लिया था और हाथापाई की थी। बस कंडक्टर धर्मपाल का बीचबचाव करने पर पत्थर मारकर सिर फोड़ दिया था। पुलिस ने महिला समेत पांच लोगों को मौके से हिरासत में लिया था। सिविल लाइन पुलिस ने इस संबंध में सरकारी ड्यूटी में बाधा पहुंचाने, रास्ता रोकने, मारपीट करने और जान से मारने की धमकी देने का केस दर्ज किया था।