शहर के सभी चिकित्सकों की निगाहें सोमवार को जिला अदालत पर लगी रहेगी। लिंग जांच करने के केस में दोषी करार बंसल नर्सिंग होम की चिकित्सक दंपति की सजा का फैसला अदालत आज सुनाएगी।
डॉ. एमआर बंसल और उनकी पत्नी प्रोमिला बसंल को पीएनडीटी यानी लिंग जांच करने के मामले न्यायाधीश अनुराधा की अदालत ने शनिवार को दोषी करार देकर सजा का फैसला सुरक्षित रख लिया था। रविवार को आईएमए के पदाधिकारियों और सदस्य चिकित्सक सारा दिन अदालत द्वारा सुनाए जाने वाली सजा को लेकर चर्चा करते रहे।
पहली बार तीन साल कैद
एमटीपी और पीएनडीटी एक्ट में पहली बार दोषी को तीन साल कैद और दस हजार रुपये जुर्माना। दूसरी बार पांच साल कैद और एक लाख रुपये जुर्माने की सजा का प्रावधान है। लिप्त डॉक्टर का लाइसेंस रद हो सकता है। अदालत दोषी को काम से कम दो साल और अधिक से अधिक तीन साल सजा दे सकती है। राहुल शर्मा, एडवोकेट एवं उपाध्यक्ष जिला बार एसोसिएशन
यह है पूरा मामला
जनवरी 2014 में स्वास्थ्य विभाग की टीम को सूचना मिली कि वाल्मीकि चौक स्थित बंसल नर्सिंग होम में भ्रूण हत्या और लिंग जांच जैसा जघन्य कार्य किया जा रहा है। इसके बाद डिप्टी सीएमओ वीरेश भूषण के नेतृत्व में स्वास्थ्य विभाग की टीम ने अस्पताल में छापेमारी की।
इस दौरान टीम को अस्पताल में काफी अनियमितताएं मिली। इसके बाद अस्पताल संचालक डॉ. एमआर बंसल व उसकी पत्नी के खिलाफ एमटीपी आर पीएनडीटी एक्ट के तहत एफआईआर दर्ज करवाई गई।
डॉक्टर पर एफआईआर दर्ज करने को लेकर आईएमए में रोष फैल गया था और निजी अस्पतालों के चिकित्सकों ने रोष मार्च निकालने के बाद हड़ताल शुरू कर दी। जिलेभर में निजी अस्पताल के डॉक्टर हड़ताल पर जाने से मरीजों को खासी परेशानियां झेलनी पड़ी।