कॉलोनाइजर कुलदीप बूरा की हत्या के मामले में पुलिस को अब सिसाय के कुलदीप उर्फ बोबला और जगबीर की तलाश है। पुलिस उनकी गिरफ्तारी के लिए दबिश दे रही है। लेकिन उनका सोमवार देर शाम तक सुराग नहीं मिला था। गिरफ्तार दो आरोपियों ने उनके नामों का खुलासा पुलिस पूछताछ में किया है।
पुलिस ने इस प्रकरण के आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए चार टीमों का गठन किया था। यह टीम मुख्य आरोपी सहित दो आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है, बाकी आरोपियों पर शिकंजा कस रखा है।
पुलिस ने केस में छीनाझपटी और धोखाधड़ी की धारा नई धारा जोड़ी है। पुलिस के अनुसार हत्या आरोपियों ने बूरा को किडनैप करने के बाद उसकी सोने की चेन और कड़ा छीन लिए थे। इसलिए केस में धारा 379 बी इजाद की गई है।
इसके अलावा कार का नंबर छेड़छाड़ कर बदला गया था, इसलिए धारा 420 भी इजाद की गई है। पुलिस के अनुसार स्विफ्ट डिजायर कार का नंबर एचआर-020एक्स-8009 है, जबकि अपराध की नीयत से इसे बदलकर एचआर-20एक्स-0009 बना दिया गया था।
गिरफ्तार रविंद्र उर्फ मोनू ने पूछताछ में बताया कि वारदात में प्रयुक्त कार अपने गांव तालू के एक कोठा में छुपा रखी है और उसका मोबाइल फोन ताऊ राजेंद्र के घर भिवानी में छुपा रखा है।
दूसरे आरोपी भिवानी निवासी मनोज ने बताया कि उसने छीना हुआ कुलदीप बूरा का सोने का कड़ा गुड़गांव में छुपा रखा है। पुलिस ने उससे वारदात स्थल की निशानदेही भी करानी है।
आरोपी तीन दिन के पुलिस रिमांड पर
पुलिस ने अमरदीप कॉलोनी निवासी कॉलोनाइजर कुलदीप बूरा के हत्या आरोपी गंगवा रोड स्थित प्रोफेसर कॉलोनी निवासी रविंद्र उर्फ मोनू और उसके ताऊ के बेटे भिवानी निवासी मनोज को सोमवार को अदालत में पेश किया।
पुलिस ने पूछताछ के लिए अतिरिक्त मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी सुदीप गोयल की अदालत से दोनों का पांच दिन का पुलिस रिमांड मांगा।
बाद में अदालत ने उनका तीन दिन का रिमांड मंजूर किया। पुलिस रिमांड के दौरान उनसे हत्या और अपहरण के बारे में गहन पूछताछ करेगी। इसके साथ साथ अन्य आरोपियों के ठिकाने जानेगी।