हरियाणा के हिसार के बालसमंद क्षेत्र के गांव बांडाहेड़ी निवासी 77 वर्षीय सरजीत सिंह ने उधार दिए 21 लाख रुपये नहीं मिलने पर घर में फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली। सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची तो जांच में 2 सुसाइड नोट बरामद हुए।
सदर थाना पुलिस ने इस संबंध में पूर्व सरपंच हवासिंह समेत 5 के खिलाफ आत्महत्या के लिए मजबूर करने का केस दर्ज किया है। मृतक सरजीत सिंह के बेटे जगजीत सिंह ने बताया कि उसने पिता ने गांव के पूर्व सरपंच हवा सिंह को 17 लाख रुपये और बालसमंद निवासी सुनील लौरा को 4 लाख रुपये उधार दिए थे। अब दोनों रुपये लौटाने में आनाकानी कर रहे हैं।
बांडाहेड़ी निवासी जगजीत उर्फ लीला ने बताया कि उसका बालसमंद में बीज भंडार है। उसके पिता सरजीत सिंह से वर्ष 2017 व 2018 में तत्कालीन सरपंच हवा सिंह बांडाहेड़ी ने करीब 17 लाख रुपये एक महीने के लिए उधार लिए थे। हवा सिंह ने कहा था कि ग्रांट आने पर रुपये वापस दे देगा। वर्ष 2018 में बालसमंद निवासी सुनील लौरा वासी बालसमंद ने उसके पिता से 4 लाख रुपये लिए थे। उसने भी रुपये नहीं लौटाए। इस बारे में कई बार पंचायतें हुईं।
शिकायतकर्ता ने कहा कि एक साल पहले हवा सिंह ने पंचायत के सामने 13 लाख रुपये देने की हामी भरी थी। बाद में जब हम पैसे लेने गए तो हवा सिंह, उसकी पत्नी धर्मा देवी पुत्रवधू श्वेता देवी व पुत्र राजेश उर्फ राजू मिले। हमने अपने रुपये मांगे तो धर्मा देवी, श्वेता देवी, राजेश उर्फ राजू व हवासिंह ने धक्के देकर घर से बाहर निकाल दिया था।
पिता की बेइज्जती की। सुनील के घर गए तो उसने भी रुपये देने से मना कर दिया था। इससे परेशान होकर पिता ने यह कदम उठाया है। मृतक ने सुसाइड नोट में हवा सिंह, धर्मा देवी, श्वेता देवी, राजेश उर्फ राजू और सुनील पर रुपये न देने व बेइज्जती करने का आरोप लगाया है।