हिसार में भ्रष्टाचार निरोधक दस्ता (एसीबी) ने सदर थाना के हेड कांस्टेबल राकेश को 10 हजार रिश्वत के साथ गिरफ्तार किया है। एसीबी की टीम को देखकर हेड कांस्टेबल मौके से भागने लगा तो टीम ने 100 मीटर पीछे दौड़कर काबू किया। एसीबी ने दोपहर बाद आरोपी हेड कांस्टेबल राकेश को अदालत में पेश किया। अदालत के आदेशानुसार न्यायिक हिरासत में भेज दिया। कांस्टेबल राकेश ने अपहरण के केस से नाम हटाने के लिए कार चालक सुरेश से एक लाख रुपये की रिश्वत मांगी थी।
पुलिस को मिली शिकायत के अनुसार
एसीबी को दी शिकायत में कार चालक सुरेश ने बताया कि अपहरण से जुड़े एक केस से नाम हटाने के लिए सदर थाने का हेड कांस्टेबल राकेश उससे एक लाख रुपये की रिश्वत मांग रहा है। एसीबी के इंस्पेक्टर जय सिंह के नेतृत्व में एक टीम का गठन किया गया। वीरवार को हेड कांस्टेबल राकेश ने फिर से रिश्वत मांगी तो चालक सुरेश ने कहा कि वह दस हजार रुपये ही जुटा पाया है। बाकी 90 हजार रुपये बाद में दे देगा।
राकेश ने चालक सुरेश को थाने में बुलाया तो सुरेश ने कहा कि रात हो गई है।अब नहीं आ सकता, चाहो तो आप मेरे घर आ जाओ। जिस पर हेड कांस्टेबल राकेश रुपये लेने के लिए करीब 9 बजे बस अड्डे के पास सत्य नगर में पहुंचा। यहां रुपये लेते ही एसीबी टीम उसकी ओर आई तो हेड कांस्टेबल राकेश ने अपनी कार मौके पर छोड़कर वहां से पैदल भागने का प्रयास किया। एसीबी टीम ने करीब 100 मीटर पीछे दौड़कर आरोपी को काबू कर लिया। एसीबी की टीम ने हेड कांस्टेबल राकेश के खिलाफ भ्रष्टाचार अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर लिया गया। हेड कांस्टेबल की ऑडियो भी एसीबी के पास सबूत के तौर पर मौजूद है।
इस मामले में मांगे थे रुपये
सत्य नगर निवासी सुरेश कार चलाते हैं। 22 अगस्त को हिमाचल के दपंती ने कार बुक थी। जब वह दंपति को कार में बैठाकर ले जा रहा था तो सातरोड़ के पास उन लोगों ने बदतमीजी करनी शुरू कर दी। जब उसने सभी को कार से उतरने के लिए कहा तो कार में सवार दपंति के सहयोगी प्रदीप ने उसे थप्पड़ मारे। जिस पर उसने गाड़ी भगा ली। कुछ मीटर आगे जाकर उसने कार में मौजूद महिला व बच्चे को भी उतार दिया। बाद में प्रदीप व हिमाचल निवासी दंपति ने कार चालक सुरेश के खिलाफ अपहरण व 50 हजार रुपये की लूट का केस दर्ज करा दिया था।