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स्कूली छात्रा से दुष्कर्म के बाद दूसरी छात्रा ने कटवाया स्कूल से नाम

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बास (हिसार)। उपमंडल नारनौंद के अंतर्गत आने वाले एक गांव में तीसरी कक्षा की बच्ची से रेप का मामला थमने का नाम नहीं ले रहा है। एक तरफ जहां विद्यालय में पढ़ने वाली छात्राओं में भय का माहौल बना है। लड़कियों के अभिभावकों ने विद्यालय से किनारा कर अपनी बच्चियों का नाम कटवाना शुरू कर दिया है।
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10वीं कक्षा में पढ़ने वाली एक छात्रा ने तो बुधवार को अपना नाम विद्यालय से कटवाकर किसी निजी विद्यालय में ले लिया है। अभिभावकों के इस कदम से स्कूल स्टाफ समेत शिक्षा विभाग के आला अधिकारी भी परेशान हैं। स्टाफ सदस्यों व अधिकारियों के बार-बार समझाने के बावजूद अभिभावक अपने बच्चों को स्कूल से हटाकर दूसरे स्कूल में दाखिला करवा रहे हैं। शिक्षा विभाग के अधिकारियों का कहना है कि वो खुद लड़कियों के परिजनों के साथ जल्द ही एक मीटिंग का आयोजन करेंगे और उनकी सभी समस्याओं व गलतफहमियों को दूर कर लड़कियों को विद्यालय में ही पढ़ाने का निवेदन करेंगे। उनको उम्मीद है उनकी इस पहल से स्कूल का माहौल सुधरेगा, वहीं अभिभावकों में एक बार फिर अपनी बच्चियों की सुरक्षा को लेकर विश्वास कायम होगा।
स्कूल स्टाफ व अधिकारियों ने बार-बार समझाने पर भी नहीं मानी छात्रा
तीसरी कक्षा की नौ वर्षीय छात्रा को उसी के कक्षा अध्यापक ने कुछ दिन पहले हवस का शिकार बनाया था। बच्चियों के अभिभावकों का विश्वास स्कूल प्रशासन अभी तक दोबारा से बहाल नहीं कर पाया है। एक तरफ जहां बच्चियां अभी भी सहमी हुईं विद्यालय में पढ़ाई करने को मजबूर हैं। काफी लड़कियां आज भी किसी न किसी बहाने से स्कूल जाने से किनारा कर रही हैं। 10वीं कक्षा में पढ़ने वाली एक छात्रा ने स्कूल से बुधवार को अपना नाम कटवाकर किसी निजी विद्यालय में दाखिला ले लिया है। स्कूल स्टाफ व अधिकारियों ने छात्रा व उसके परिजनों को काफी समझाने का प्रयास भी किया, लेकिन वो इसमें कामयाब नहीं हुए।
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घर में शादी होने के कारण में छुट्टी पर था। वीरवार को ही ऑफिस में आया हूं। मेरे संज्ञान में एसएलसी लेने का मामला नहीं है। कल मामले का पता किया जाएगा।
-राजेश जैन, खंड शिक्षा अधिकारी

बच्ची ने अपने माता-पिता के साथ बाहर पढ़ाई करने के लिए हमसे एसएलसी मांगा था। हमने बच्ची के भविष्य को देखते हुए उन्हें एसएलसी दे दिया है। बुधवार को छात्रा अपने पिता के साथ आकर अपना एसएलसी लेकर गई है।
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-वीरेंद्र कुमार, मुख्य अध्यापक
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