हिसार। जेल तक पहुंच चुके नशे के नेटवर्क तोड़ने के लिए पुलिस अब डॉग स्कवायड से जांच करेगी। इसके लिए अलग से ट्रेंड डॉग की टीम बनाई जाएगी। जिसमें मधुबन में विशेष प्रशिक्षण दिया जाएगा। इसके बाद इन ट्रेंड डॉग को इस काम के लिए ही नियुक्त किया जाएगा।
नशे का नेटवर्क अब जेल के अंदर तक पहुंच रहा है। जिसको लेकर सीआईडी के पास लगातार सूचनाएं पहुंच रही हैं। वीरवार को आईजी सीआईडी अनिल कुमार राव हिसार पुलिस की कार्यप्रणाली से नाराज दिखे। चार राज्यों के पुलिस अधिकारियों की मीटिंग के बाद आईजी सीआईडी अनिल राव ने जेल में नशा रोकने की तैयारियों के बारे में जानकारी मांगी। उन्होंने पूछा कि जेल से लगातार नशे से जुड़ी खबरें आ रही है।
इसके बाद राव ने डॉग स्कवायड टीम के इंचार्ज को बुलाकर उनसे पूछताछ की। आईजी ने पूछा की क्या ये कुत्ते नशीले पदार्थों को सूंघ कर पता कर सकते हैं, क्या इनसे जेल में चेकिंग करवाई गई है। इस पर डॉग इंचार्ज ने बताया कि इनसे सिर्फ वीआईपी ड्यूटी ली जाती है। जेल में कभी इनसे खोजबीन नही करवाई गई। इसके बाद आईजी ने कुत्तों की कार्यकुशलता बढ़ाने व जेल में हर सप्ताह डॉग स्कवायड टीम से चेकिंग करवाने का आदेश दिया।
नशीली दवाइयों पर निगरानी
आईजी अनिल कुमार राव ने कहा कि दिल्ली व अन्य बड़े शहरों से आने वाली नशीली दवाइयों को रोका जाएगा। इसके लिए ड्रग इंस्पेक्टर भी पुलिस के साथ मिलकर काम करेंगे। लगातार छापामारी कर जांच की जाएगी। ड्रग लाइसेंस की जांच भी की जाएगी।
गैंग की पहचान करेंगे
सुल्फा, गांजा, अफीम, स्मैक, चूरा पोस्त सहित अन्य नशा दूसरे राज्यों से तस्करी के जरिए हरियाणा तक पहुंचता है। ऐसे काम करने वाले गैंग की पहचान के लिए अलग से डीएसपी स्तर का अधिकारी काम करेगा। अधिकारी से मिले इनपुट पर टीम तुरंत कार्रवाई करेगी।
जेलों में सरप्राइज विजिट होंगी
जेलों में सरप्राइज विजिट कर स्पेशल ट्रेंड डॉग नशीले पदार्थों की जांच करेंगे। सार्वजनिक स्थान, पार्क, बस अड्डे, जेल, रेलवे स्टेशन पर भी डॉग की मदद से संदिग्ध लोगों व नशे को पकड़ा जाएगा। इसके लिए बनाई जाने वाली टीम को स्पेशल ट्रेनिंग दी जाएगी। जिसमें नारकोटिक्स के लिए डीएसपी स्तर का अधिकारी अलग से नियुक्त होगा।
जेल में नशे को लेकर काफी शिकायतें आती हैं। अब जेलों में जांच के लिए डॉग स्कवायड की मदद लेंगे। जिससे हमें जेल के अंदर जांच में सहयोग मिलेगा। इसके लिए ट्रेंड टीम तैयार की जाएंगी। जरूरत पड़ी तो इसके लिए अलग से बजट भी दिया जाएगा।
- अनिल राव, आईजी सीआईडी, हरियाणा
फिलहाल बम स्कवॉयड ही मौजूद जो नशा नहीं सूंघ सकते
हिसार टीम के पास फिलहाल बम स्कवॉयड की टीम है। जो नशीले पदार्थ को सूंघने में नाकाम हैं। इस कारण डॉग स्कवायड की टीम केवल बड़े आयोजन स्थल पर निरीक्षण करती है। इसके अलावा सेफ्टी अलर्ट के बाद डॉग स्कवायड की टीम मौके पर पहुंचती है। अब मधुबन से दूसरे ट्रेंड डॉग यहां भेजे जाएंगे।
यूनिवर्सिटी तक पहुंच रहा नशा
पिछले दिनों रोहतक में यूनिवर्सिटी में नशे के कारोबार का खुलासा हुआ था। जिसके बाद प्रदेश की सभी यूनिवर्सिटी को संवेदनशील माना गया है। ड्रग माफिया स्टूडेंट्स को अपना निशाना बना रहा है।