अमर उजाला ब्यूरो
हिसार।
नारनौंद एरिया के एक गांव की आठ साल की मासूम बच्ची से दुष्कर्म के मामले में पीड़िता के परिजनों में पुलिस के प्रति गहरा रोष है। समुदाय के लोगों ने मामले की सीबीआई से जांच कराने की मांग को लेकर बुधवार को क्रांतिमान पार्क से लघु सचिवालय तक रोष प्रदर्शन कर सीटीएम को ज्ञापन सौंपा। वहीं पीड़िता के पिता ने कहा कि पुलिस उसके भाई को झूठा फंसाकर टॉर्चर कर रही है। उसने कहा कि पुलिस ने वारदात वाली रात घटनास्थल पर शराब पीने वाले तीन संदिग्ध युवकों को अगली शाम उठाया था। उनको सुबह छोड़ दिया गया। पड़ोसियों ने हमारा बिजली-पानी बंद कर दिया है, जिससे हम पलायन करने पर मजबूर हो गए हैं और गांव छोड़ सकते हैं।
पीड़िता के पिता ने कहा कि उनको गांव के तीन युवकों पर संदेह है। पुलिस को जांच में पता चला था कि वे वारदात वाली रात घटनास्थल पर शराब पी रहे थे। पुलिस ने तीनों को अगली शाम को उठाया था, मगर सुबह उनको छोड़ दिया गया। पुलिस ने एक साजिश के तहत उनको छोड़कर मेरे भाई पर दोष मढ़ दिया। पड़ोसियों ने गांव में हमें पानी और बिजली देना बंद कर दिया है। वे नहीं चाहते कि पुलिस संदिग्ध युवकों को गिरफ्तार करे। उन तीन युवकों में से एक हमें मुंह बंद रखने की धमकी दे रहा है। संदिग्ध युवक पहले भी उनके परिवार की महिलाओं से छेड़छाड़ कर चुके हैं। उसने कहा कि गांव में हमारे परिजन जोहड़ का पानी पीने को मजबूर हैं और घर में रात को अंधेरा छाया रहता है। पुलिस उनके साथ खेल कर रही है। इसलिए हम चाहते हैं कि इस मामले की जांच पुलिस न करके सीबीआई करे। उसने बताया कि हमारी बात न मानी तो वे समुदाय के लोगों के साथ प्रदेेशभर में प्रदर्शन करेंगे।
कस्टडी में मामा से बोला भाई, मेरी बच्ची कैसी है
पीड़िता के पिता ने बताया कि मेरा मामा उसके भाई से नारनौंद थाना में मिलने गया था। पुलिस ने भाई को रिमांड पर ले रखा है। भाई मामा को देखते ही बोला कि यह बताओ कि मेरी बच्ची कैसी है। उसने बताया कि पुलिस उसके भाई को झूठा फंसाकर रिमांड पर लेकर टॉर्चर कर रही है।
वारदात के बाद भाई को मैंने खुद जगाया था
पीड़िता के पिता ने बताया कि घटना वाली रात मेरी नींद खुली तो बच्ची गायब थी। इस पर मैंने खुद भाई को जगाया था। भाई मच्छरदानी के अंदर सो रहा था। उसके बाद भाई मेरे साथ बच्ची को ढूंढने निकल पड़ा था। मुझे किसी सूरत में नहीं लगता था कि यह वारदात मेरे भाई ने की है।
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प्रदर्शन कर सीटीएम को ज्ञापन सौंपा
समुदाय के लोग क्रांतिमान पार्क में इकट्ठे हुए। उनमें महिलाएं शामिल थी। वे बाद मेें प्रदर्शन करते हुए पैदल लघु सचिवालय के गेट पर पहुंचे। उन्होंने हाथों में बैनर और तख्ती थी जिन पर लिखा था कि मामले की जांच सीबीआई करे और निर्दोष को रिहा कर दोषियों को गिरफ्तार करो। वे बाद में गेट पर सीटीएम शालिनी चेतल को ज्ञापन देकर लौट गए। ज्ञापन में कहा गया है कि पुलिस घटनास्थल के पास देर रात तक शराब पीने वाले तीन युवकों को पकड़कर पूछताछ करे और उनकी मेडिकल जांच कराए। इसके अलावा पीड़ित परिवार को सुरक्षा दी जाए।