एडीजे अलका मलिक की अदालत ने एक महिला से गैंगरेप करने के जुर्म में चार दोषियों को शुक्रवार को 20-20 साल की कैद और 90 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। उन्हें बुधवार को दोषी करार दिया गया था। कुल 90 हजार रुपये के जुर्माने में से 80 हजार रुपये पीड़िता को हर्जाने के तौर पर दिए जाएंगे। दोषियों में तेलियान पुल का विजय, महाबीर कॉलोनी का रवि तथा पुराने ओवरब्रिज के निकट का रामसेवक और महेश शामिल हैं।
पुलिस ने इस संबंध में 12 सितंबर 2015 को केस दर्ज किया था। महिला ने पुलिस को बयान देकर कहा था कि वह मूलत: बिहार की रहने वाली है। उसने सात दिन पहले सीकर के एक अस्पताल में बच्चे को जन्म दिया था। वह पति को ढूंढने बच्चे समेत यहां आई थी। वह रेलवे स्टेेशन पर बच्चे को लेकर बैठी थी। वहां पास में दो लड़कियों के साथ बैठी एक महिला उसे बहलाकर कुछ दूर एक घर में ले गई।
उसने उसे खाना खिलाया और फिर उसका बच्चा छीनकर उसे भगा दिया। वह रेलवे स्टेशन पर लौट आई और फिर बच्चे के बारे में ऑटो रिक्शा स्टैंड पर लोगों से पूछताछ कर रही थी। तभी दो लोग बच्चा दिलाने का झांसा देकर उसे एक कमरे में ले गए और उसके साथ बारी-बारी से दुष्कर्म किया।
फिर वहां दो-तीन लोग और आए। उन्होंने भी उसके साथ दुष्कर्म किया। वह किसी तरह उनके चंगुल से छूटी। फिर एक महिला ने उसकी आपबीती सुनकर उसे सरकारी अस्पताल में दाखिल कराया। जीआरपी थाना पुलिस ने इस संबंध में जीरो एफआईआर दर्ज कर मामला सिटी थाना में स्थानांतरित कर दिया था।
पुलिस अभी तक पीड़िता का सात दिन का दूधमुंहा बच्चा छीनने वाली महिला का सुराग नहीं लगा पाई है। इसलिए महिला का बच्चा भी अभी तक नहीं मिल पाया है। पीड़िता अपने बच्चे की बरामदगी को लेकर कई बार पुलिस से मिल चुकी है। गैंगरेप के मुकदमे का अदालत ने पूरी सुनवाई के बाद फैसला सुना दिया।