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दो समुदायों में के मारपीट मामले में एसएचओ लाइन हाजिर

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अमर उजाला ब्यूरो
हिसार। मिड टाउन ग्रैंड स्थित एक होटल में खाना खाकर लौट रहे परिवार और लॉ स्टूडेंट्स के बीच मारपीट के मामले में एसपी शिवचरण सिंह ने एसआईटी का गठन किया है। जांच के लिए डीएसपी के नेतृत्व में 11 सदस्यीय कमेटी बनाई गई है। इसमें दोनों पक्षों के प्रमुख लोग शामिल होंगे। देर रात सिविल लाइन थाना प्रभारी संदीप कुमार का तबादला करके उन्हें पुलिस लाइन में भेज दिया गया। नरेंद्र पाल को सिविल लाइन थाने का प्रभारी लगाया गया है।
11 सदस्यीय कमेटी का नेतृत्व डीएसपी जितेंद्र सिंह करेंगे। जांच में किसी पक्ष को कोई शंका ना रहे, इसके लिए दोनों पक्षों के प्रमुख लोगों को इस कमेटी में शामिल किया जाएगा। एसपी शिवचरण ने कहा कि इस मामले में निष्पक्ष जांच की जाएगी। पुलिस ने सीसीटीवी रिकॉर्डिंग जुटा ली है। इसके अलावा कुछ लोगों से इस बारे में पूछताछ भी की है। शनिवार देर शाम सिविल लाइन थाने के एसएचओ संदीप कुमार का ट्रांसफर कर दिया गया है। नरेंद्र पाल को हिसार सिविल लाइन एसएचओ नियुक्त किया गया है। वीरवार को एक परिवार होटल से खाना खाकर बाहर आ रहा था। उसी समय लॉ के दो स्टूडेंट्स भी बाहर आ रहे थे। आपस में मिस अंडर स्टेंडिंग होने के चलते महिलाओं ने छेड़खानी का आरोप लगा दिया। इसके बाद दोनों पक्षों ने एक-दूसरे पर हमला बोल दिया। इस मामले में दोनों पक्षों ने एक-दूसरे पर क्रॉस केस कराया है। इस मामले को धार्मिक रंग देने के लिए कुछ लोग सोशल मीडिया पर एक मुहिम चला रहे हैं। इसमें पीड़ित महिलाओं के बयान का एक वीडियो बनाया गया है। महिलाओं की ओर से एक जाति विशेष को निशाना बनाने का प्रयास किया गया। कुछ लोग इस मैसेज को फेसबुक, व्हाट्स एप पर डाल रहे हैं।
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सिख समुदाय की गुरुद्वारे में बैठक
नागोरी गेट स्थित गुरुद्वारे में हुई बैठक में सिख समुदाय के लोगों ने हिस्सा लिया, जिसमें कालांवाली से अकाली विधायक बलकार सिंह, हरियाणा शिरोमणि गुरुद्वारा कमेटी के प्रधान जगजीत सिंह झींडा, शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक समिति की सदस्य अमरजीत कौर, बलदेव सिंह खालसा, परमजीत सिंह, दिल्ली गुरुद्वारा कमेटी के सदस्य, गौतम सरदाना, गोल्डी व सुखसागर सिंह सहित शहर की विभिन्न संस्थाओं के सदस्य शामिल हुए। सभी ने इस मामले की निंदा करते हुए पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े किए। इसके बाद सिख समुदाय के लोग एसपी से मिलने पहुंचे। समुदाय के लोगों ने परिवार पर दर्ज धारा 307 को हटाने की मांग की। साथ ही पुलिस एसएचओ पर कार्रवाई करने की मांग की।

दूसरा समुदाय : बार ने बुलाई बैठक
बार एसोसिएशन ने शनिवार को बैठक बुलाई। इसके बाद बार एसोसिएशन ने बयान जारी कर इस मामले को धार्मिक रंग देने की निंदा की। प्रधान प्रदीप बाजिया ने कहा कि अधिवक्ता वीरेंद्र मलिक के बेटे पर कातिलाना हमला किया गया है। आरोप है कि दूसरे पक्ष की ओर से दबाव बनाने के लिए इसे धार्मिक रंग दिया जा रहा है। जातीय व धार्मिक भावनाओं को भड़काने का काम किया जा रहा है, जिसे स्वीकार नहीं किया जाएगा। हत्या प्रयास में नामजद लोगों को गिरफ्तार किया जाए। बैठक में बार सचिव सोमदत्त शर्मा, बार के को-ऑर्डिनेटर दीपक जैन, विवेक सैनी, अधिवक्ता श्याम गोदारा, जयवीर काजला, वीरेंद्र सिंह मलिक, सम्मत सिंह यादव, मनदीप बिश्नोई, सुनील जाखड़, सुरेंद्र सैनी आदि अधिवक्ता मौजूद थे।
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कई बार आपसी गलतफहमी को लेकर घटनाएं हो जाती हैं। इस घटना में पूरी तरह से प्रशासन जिम्मेवार रहा है। दो समुदायों में टकराव की स्थिति बन गई है। मामले की पूरी जांच करनी चाहिए थी। दोनों पक्षों के लोगों को उस जांच में शामिल कर इसे हल कराने का प्रयास करना चाहिए था। एफआईआर दर्ज करने में इतनी जल्दी नहीं दिखाई जानी चाहिए। दोनों पक्षों के बुजुर्ग मामले को आपसी भाईचारे से सुलझा सकते थे।
-जगदीश झींडा, प्रधान हरियाणा गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी
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