अमर उजाला ब्यूरो
हिसार। कोर्ट कॉम्प्लेक्स चौकी पुलिस ने अदालत में झूठे तथ्य देकर अधिग्रहित जमीन के करोड़ों रुपये हड़पने के आरोप में पांच लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया है। इनमें एक महिला भी शामिल है। इस मामले में फिलहाल किसी की गिरफ्तारी नहीं हुई है।
शिकायतकर्ता रमेश आटा चक्की गली नंबर-1 निवासी राजकुमार ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि सैनियान मोहल्ला निवासी भगवानी देवी और उसके बेटे नरेंद्र, विरेंद्र, तिजेंद्र व सुरेंद्र ने एडीजे की कोर्ट में 4 फरवरी 2011 को झूठे तथ्य प्रस्तुत किए और सेक्टर 3-5 में 10 कनाल 15 मरले अधिग्रहित की गई जमीन का अवार्ड 2.34 करोड़ रुपये हड़प लिया। शिकायत में बताया कि यह जमीन भगवानी देवी के बेटे जितेंद्र के नाम थी। जितेंद्र की शादी मीना के साथ वर्ष 22 फरवरी 2004 में हुई थी। सितंबर 2005 में उन्हें बेटा पैदा हुआ था, जबकि जनवरी 2005 में सेक्टर 3-5 में एलएसी अर्बन एस्टेट हिसार द्वारा जितेंद्र की 10 कनाल 15 मरले जमीन इक्वायर की गई थी। इस जमीन के अवॉर्ड के लिए अदालत में केस लगाया गया था, जिसका फैसला फरवरी 2012 में हुआ था, लेकिन इससे पहले जून 2007 में जितेंद्र का देहांत हो चुका था। शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया कि आरोपी भगवानी देवी और उसके चार बेटों ने कोर्ट में झूठे तथ्य पेश किए और जमीन के मुआवजे की राशि 2 करोड़ 34 लाख रुपये हड़प ली।
वर्ष 2018 में पता चला मीना को
शिकायतकर्ता राजकुमार के अनुसार आरोपियों ने कोर्ट को कहा कि जितेंद्र की वारिस उसकी मां भगवानी देवी है। पीड़िता मीना देवी को इस धोखाधड़ी का वर्ष 2018 में ही तब पता चला, जब मीना के रिश्तेदारों के साथ मिलकर बिरादरी की पंचायत हुई।
आरोपियों ने कोर्ट को गुमराह करने का काम किया है। मेरी मीना से कोई रिश्तेदारी नहीं है, लेकिन कोर्ट को गुमराह करके झूठे तथ्य पेश करना और किसी का हक मारना गलत है।
-राजकुमार, शिकायतकर्ता
मुआवजे के 2 करोड़ 34 लाख रुपये हड़पने का मामला आया है। शिकायत के आधार पर धोखाधड़ी सहित विभिन्न धाराओं के तहत केस दर्ज कर लिया गया है। फिलहाल मामले की जांच की जा रही है। जांच के बाद आगामी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। इस मामले में फिलहाल किसी की गिरफ्तारी नहीं हुई है।
-एएसआई रामफल, जांचकर्ता, कोर्ट चौकी