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20 दिन बाद भी सात बाल बंदी का सुराग नहीं

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बाल सुधार गृह से भागे 7 बंदी बीस दिनों बाद भी पुलिस की पकड़ से दूर
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- फरार बंदी दे रहे वारदातों को अंजाम, पुलिस दे रही जगह-जगह दबिश
अमर उजाला ब्यूरो
हिसार। बरवाला रोड पर बने बाल सुधार गृह से फरार हुए बाल बंदियों को 20 दिन से ज्यादा हो चुके हैं। 20 दिन में भी पुलिस फरार सभी बंदियों को पकड़ने में सफलता हासिल नहीं कर सकी। पुलिस की ओर से अभी 10 बंदियों को ही पकड़ा जा सका है। उल्लेखनीय है कि 12 अक्तूबर को बाल सुधार गृह से 18 बाल बंदी सुरक्षा गार्ड पर हमला कर फरार हो रहे थे। इस दौरान एक बाल बंदी को मौके पर ही दबोच लिया गया था। बाकी के 17 फरार होने में सफल हो गए थे। इन 17 बाल बंदियों में से पुलिस अभी तक 10 बाल बंदियों को ही पकड़ सकी है। बाकी के 7 बंदी अभी भी पुलिस की पकड़ से दूर हैं।
बतादें कि इन बाल बंदियों पर हत्या, हत्या के प्रयास, दुष्कर्म या लूट जैसे कई मामले दर्ज हैं। वहीं फरार बंदियों में से कुछ बंदी तो पहले से ही योजना बनाकर यहां से फरार हुए थे। इनमें से किसी ने हत्या की वारदात को अंजाम देना था तो किसी ने लूट की वारदात को अंजाम देना था। ऐसे में 7 बंदियों का अभी तक नहीं पकड़े जाना पुलिस के लिए मुसीबत बन सकता है, क्योंकि ये बंदी किसी भी वारदात को अंजाम दे सकते हैं।
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वहीं पकड़े गए बंदियों में से एक बंदी को बिरधाना गांव में पुलिस ने पकड़ा था। इस बाल बंदी को पुलिस ने शुक्रवार को मुठभेड़ के दौरान पकड़ा था। पुलिस ने इस बाल बंदी को उस दौरान हिरासत में लिया जब ये गांव बिरधाना में अपने किसी साथी से मिलने के लिए गांव में बाइक पर सवार होकर जा रहा था। इस बंदी के पैर में गोली लगने के कारण अभी रोहतक पीजीआई में उपचार जारी है। ये बाल बंदी अप्रैल माह में गांव भागलपुरी में एक हत्या के मामले में बाल सुधार गृह में सजा काट रहा था। उस मामले में बेरी के शहर थाना में केस भी दर्ज है।
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वर्जन
हिरासत में लिए गए बाल बंदी का अभी रोहतक पीजीआई में उपचार जारी है। पीजीआई से छुट्टी मिलने के बाद उसे अदालत में पेश किया जाएगा।
- रविंद्र कुमार, सीआईए-1 प्रभारी, बहादुरगढ़।
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