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जन परिवाद समिति की बैठक में पुलिस पर भड़के सीपीएस गुप्ता

Thu, 22 Dec 2016 12:08 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, हिसार
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मीटिंग - फोटो : bureau
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: फोटो संख्या 52 : लीड :
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जन परिवाद समिति की बैठक में सीपीएस डॉ. कमल गुप्ता पुलिस पर भड़क गए। उन्होंने कहा कि आप लोग प्रेशर डालकर पीड़ितों से हस्ताक्षर करा लेते हो। क्या कोई भी आईजी के नाम पर तोड़फोड़ करेगा। जिसको पीड़ा होती है वही शिकायत करने आता है। इस तरह से अंडर प्रेशर हस्ताक्षर कराकर शिकायत का हल दिखाना जस्टिस नहीं है।

जन परिवाद समिति की बैठक बुधवार को लघु सचिवालय सभागार में प्रदेश के जन स्वास्थ्य मंत्री डॉ. बनवारीलाल की अध्यक्षता में हुई। 13वीं शिकायत पुलिस के खिलाफ थी, जिसमें मंगलराम मोची ने कहा कि कहा कि 50-60 साल से यहां पर मोची काम करता है।
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कुछ दिन से उसकी तबियत खराब होने पर उसका बेटा यहां बैठता था। 30 सितंबर को कुछ लोगों ने उसका सामान यहां से उठाकर फेंक दिया, जिसमें एक व्यक्ति ने खुद का नाम एडवोकेट अमित वर्मा बताते हुए कहा आईजी साहब से परमिशन ले रखी है।

सामान फेंकने के बाद यहां अवैध निर्माण शुरू कर दिया। इस मामले में पीड़ित नहीं आया। डीएसपी भगवानदास जवाब देने लगे कि पीड़ित ने अपनी शिकायत वापस ले ली है। इतना सुनते ही सीपीएस को गुस्सा आ गया। पुलिस पर भड़कते हुए उन्होंने कहा कि आईजी के नाम पर किसने तोड़फोड़ की। इसकी जांच होनी चाहिए थी। ऐसे तो कोई भी आईजी का नाम लेकर तोड़फोड़ करेगा। आप लोग प्रेशर डालकर शिकायत वापस करा देते हो। यहां तक शिकायत करने वही आता है जिसे पीड़ा होती है। 50 प्रतिशत लोग कहते है पैसे खाए हैं। बाद में लिखकर दे देते हैं नहीं खाए।

सीपीएस का समर्थन करते हुए भाजपा लोकसभा निगरानी समिति के अध्यक्ष मनदीप मलिक ने कहा कि शिकायत की सही जांच होनी चाहिए। अगर किसी ने झूठी शिकायत दी है तो उस पर भी कार्यवाही कराएं। सीपीएस ने कहा कि जिसने ऐसा किया उसके खिलाफ एक्शन लो। इस मामले में पूरी जांच दोबारा से करो। अगर उसने शिकायत वापस ले ली तो भी हम इसे वापस नहीं होने देंगे। अगली मीटिंग में इस मामले को दोबारा से रखा जाए।

रिश्वत के आरोप लगाने वाली महिला नहीं आई
इससे पहले 14 सितंबर को जन परिवाद समिति की बैठक में भी सीपीएस डॉ. कमल गुप्ता ने कहा था कि अधिकारी कोई न कोई नुक्ताचीनी निकाल कर रिश्वत मांगते हैं। रिश्वत मांगने का कोई सबूत नहीं होता।

95 प्रतिशत लोग मेरी बात से सहमत होंगे। उगालन निवासी महिला शीला की अधिकारियों की रिश्वत मांगने की शिकायत पर सीपीएस ने यह सब कहा था। जिस मंत्री ने इस मामले की जांच एडीसी को सौंपी थी। कृषि विभाग के अधिकारियों ने कहा कि पीड़िता अब संतुष्ट है। उसने लिखकर दे दिया है।

ये रहे मौजूद
मीटिंग में सीपीएस डॉ. कमल गुप्ता, जिला परिषद चेयरमैन ब्रह्मदेव, ब्लॉक समिति चेयरमैन हंसराज बैनीवाल, भाजपा प्रदेश सचिव कर्ण सिंह राणौलिया, जिला महामंत्री सुजीत कुमार, निगरानी समिति अध्यक्ष मनदीप मलिक, सीमा गैबीपुर, डीसी निखिल गजराज, एसपी राजेंद्र कुमार मीणा मंच पर उपस्थित थे।

निगम अधिकारी शिकायतकर्ता से बोले हमारे पास बजट नहीं आप दे दो तो हम पैमाइश कराएं
शिकायतकर्ता ठंडी सड़क निवासी राजेंद्र ने नगर निगम को जहाजपुल से मिलगेट रोड पर टीपी स्कीम के तहत विकसित की गई कॉलोनी की जमीन पर कब्जा करने की शिकायत दी थी। जिस पर निगम की ओर से कार्यवाही नहीं हुई तो आरटीआई से जवाब मांगा, जिसमें निगम अधिकारियों ने कहा कि हमारे पास पैमाइश के लिए बजट नहीं है।

आप बजट दे दो तो हम पैमाइश कराएंगे। राजेंद्र ने जनपरिवाद समिति की बैठक में कहा कि डिप्टी मेयर भीम महाजन के रिश्तेदारों ने जमीन पर कब्जा किया हुआ है। इस कारण अधिकारी इस मामले में कार्यवाही नहीं कर रहे। मंत्री बनवारीलाल ने जवाब मांगा तो निगम सचिव ने कहा कि मशीन से यहां की पैमाइश करानी पडे़गी। हमारे पास इसके लिए बजट नहीं है। निगम की ओर से नोटिस दिया जा चुका है। उसका एक रिमाइंडर भी भेजा है। दूसरा रिमाइंडर देने के बाद जमीन खाली कराने के लिए कार्यवाही करेंगे। मंत्री बनवारलाल ने कहा कि इस जमीन की निशानदेही कराएं।
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माढ़ा कस्तूरबा गांधी स्कूल वार्डन की शिकायत गायब
गांव माढ़ा के कस्तूरबा गांधी विद्यालय की वार्डन की ओर से प्रताड़ना की शिकायत दी गई थी। एजेंडा में इस शिकायत को शामिल किया गया था। दो दिन पहले इस शिकायत को एजेंडा से हटा दिया गया। करीब पौने दो घंटे चली जनपरिवाद समिति की बैठक में 14 शिकायतें रखी गईं, जिसमें चार शिकायतों को खारिज कर दिया गया।
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