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एन्हांसमेंट : एक जैसे प्लॉट, किसी को 10 से 60 प्रतिशत छूट तो किसी पर अतिरिक्त बोझ

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एचएसवीपी का कार्यालय। - फोटो : Hisar
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हिसार। हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण (एचएसवीपी) द्वारा एन्हांसमेंट पर दी गई छूट पर सेक्टरवासियों ने सवाल खड़े कर दिए हैं। एक ही सेक्टर के एक जैसे प्लॉटों की दी गई छूट में भारी अंतर है। अलग-अलग स्थानों पर अलग-अलग छूट दिए जाने के कारण सेक्टरवासियों ने एन्हांसमेंट भरने से ही इनकार कर दिया।
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हालात यह हैं कि एक प्लॉट धारक को 60 प्रतिशत की छूट दी जा रही है तो उसी तरह के दूसरे प्लॉटधारक से 6 प्रतिशत अधिक राशि ली जा रही है। उधर इस मामले को लेकर शहर के सेक्टरवासियों ने एक बैठक बुलाई है, जिसमें आगामी रणनीति तैयार की जाएगी।
केस -1
एक प्लॉट पर 60.31 प्रतिशत की छूट, साथ वाले में 5.7 प्रतिशत जोड़ा
सेक्टरवासी रघुबीर गोयत ने बताया कि सेक्टर 3 में करीब 200 गज के 189 नंबर प्लॉट की बकाया राशि 13 लाख 82 हजार 200 रुपये दिखा रहे हैं और इसमें छूट देने की बजाय 5.7 प्रतिशत और जोड़कर 1460541 की मांग कर रहे हैं। इसी के साथ लगता 190 नंबर प्लॉट है, जिसकी स्टेटमेंट में राशि 1459000 है। इस प्लॉट पर प्राधिकरण ने 60.31 प्रतिशत की छूट दी है और 579108 रुपये की डिमांड कर रहे हैं। इस प्रकार बड़ी संख्या में एक जैसे प्लॉट में अलग-अलग एन्हांसमेंट राशि दी हुई है।
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केस - 2
सेक्टर 5 में 10 मरला का 277 नंबर प्लॉट है। उसकी बकाया राशि 1988765 है, जबकि छूट के बाद भरने के लिए 789382 रुपये की राशि दिखाई गई है। मगर यहीं पर एक प्लॉट 288 नंबर है, जिसकी बकाया राशि 2169473 रुपये है। उस पर 52.88 प्रतिशत छूट के साथ 1022168 की डिमांड कर रहे हैं। यानी एक ही सेक्टर में एक ही आकार के एक प्लॉट पर 60.31 प्रतिशत की छूट तो दूसरे पर 52.88 प्रतिशत की छूट है।
एचएसवीपी ऑफिस वाले बोले- चंडीगढ़ जाओ
रघुबीर गोयत ने बताया कि मामले को लेकर वे एचएसवीपी ऑफिस गए थे। वहां कर्मचारियों ने कहा कि आज अकाउंट ब्रांच के सभी अधिकारी, कर्मचारी चंडीगढ़ गए हैं। अगर एन्हांसमेंट की कोई समस्या है तो आप भी चंडीगढ़ ही जाओ। उन्होंने कहा कि रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशन के साथ मिलकर एन्हांसमेंट कैलकुलेट की गई थी। मगर एचएसवीपी ने अपनी ही मर्जी से एन्हांसमेंट निकाल दी।
रीकैलकुलेशन करवाई थी, लेकिन नहीं मानी
सेक्टरवासियों ने बताया कि सेक्टरों में प्लॉट पर भारी एन्हांसमेंट को लेकर प्रदेश भर से सेक्टरवासियों ने आंदोलन चलाया था। इस संबंध में सरकार से बातचीत हुई थी। मंत्रियों और अधिकारियों ने आश्वासन दिए कि सेटलमेंट करेंगे। कोर्ट ने भी मामले में रीकैलकुलेशन के आदेश दिए थे। इसके बाद रीकैलकुलेशन करवाई गई, लेकिन उसे न मानकर लंबे समय तक अधिकारी टालते रहे। अब सभी की अपनी मर्जी से बकाया राशि निर्धारित कर दी। एक जगह पर एक जैसे प्लॉट पर भी अलग-अलग छूट दी हुई है।
पुरानी कैलकुलेशन के अनुसार सेक्टरवासियों को वापस मिलते पैसे
ऑल हिसार सेक्टर्स वेलफेयर एसोसिएशन ने प्रदेश सरकार द्वारा एचएसवीपी की फाइनल सेटलमेंट योजना पर सवालिया निशान खड़े किए हैं। सेक्टर 16-17 के प्रधान जितेंद्र श्योराण ने कहा कि इस फाइनल निपटान योजना में भारी खामियां हैं, जो बिलकुल आधारहीन है। सेक्टरवासियों ने एन्हासमेंट की जो रीकैलकुलेशन करके विभाग को दी थी, यह योजना उसके आधार पर नहीं है। अगर ऐसा होता तो सेक्टरवासियों को पैसे वापस मिलने थे। इस योजना के तहत जो नई राशि प्लॉट धारकों के खातों में अपलोड की गई है, उसे लेकर हर प्लॉट धारक संशय की स्थिति में है। इसमें सेक्टर वासियों को 10 प्रतिशत से लेकर 85 प्रतिशत तक का लाभार्थी दिखाया जा रहा है।
रविवार को बुलाई गई बैठक
श्योराण ने कहा कि यह सरासर एचएसवीपी के अधिकारियों का असफलता है, जिससे सेक्टरवासियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। इस मुद्दे को लेकर 7 मार्च को शाम पांच बजे सेक्टर 16-17 के कम्यूनिटी सेंटर में सेक्टरवासियों की एक बैठक आयोजित की जाएगी, जिसमें आगे की कार्रवाई को लेकर विचारविमर्श किया जाएगा।
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