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उपभोक्ता आयोग का फैसला: फ्लिपकार्ट और विक्रेता को मोबाइल बदलने या रकम लौटाने के आदेश

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हिसार। जिला उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग ने शनिवार को ऑनलाइन खरीदारी में गलत मोबाइल की डिलीवरी के मामले में उपभोक्ता के पक्ष में फैसला सुनाया है। आयोग ने फ्लिपकार्ट इंटरनेट प्राइवेट लिमिटेड और विक्रेता कंपनी सीआईजीएफआईएल लिमिटेड को 9,728 रुपये की राशि 9 प्रतिशत वार्षिक ब्याज सहित लौटाने अथवा समान या उच्च मॉडल का नया मोबाइल उपलब्ध कराने के आदेश दिए हैं। साथ ही शिकायतकर्ता को 3,000 रुपये मुआवजा और 2,000 रुपये मुकदमा खर्च देने का भी निर्देश दिया है।
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आयोग के अध्यक्ष जगदीप सिंह तथा सदस्य रजनी गोयत और डॉ. अमिता अग्रवाल की पीठ ने यह फैसला हांसी निवासी राजेश कुमार की ओर से दायर उपभोक्ता शिकायत पर सुनाया।
शिकायत के अनुसार राजेश कुमार ने 28 मार्च 2023 को फ्लिपकार्ट के माध्यम से सैमसंग गैलेक्सी एफ-13 मोबाइल फोन का ऑर्डर दिया था। इसके लिए उन्होंने 9,728 रुपये का भुगतान किया। छह अप्रैल 2023 को डिलीवरी मिलने पर उन्होंने डिलीवरी बॉय के सामने पार्सल खोला तो सैमसंग मोबाइल के बॉक्स में पुराना और खरोंचयुक्त रेडमी मोबाइल फोन मिला। बॉक्स में वीवो कंपनी का चार्जर भी रखा हुआ था।
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शिकायतकर्ता ने उसी दिन रिटर्न और रिफंड की मांग करते हुए ग्राहक सेवा केंद्र पर शिकायत दर्ज कराई। इसके बाद कई बार ई-मेल भेजे और रिटर्न रिक्वेस्ट भी डाली, लेकिन समस्या का समाधान नहीं हुआ। अंततः उन्होंने जिला उपभोक्ता आयोग में शिकायत दायर की।
सुनवाई के दौरान आयोग ने रिकॉर्ड पर मौजूद दस्तावेजों, रिटर्न अनुरोधों और अन्य साक्ष्यों का परीक्षण किया। आयोग ने पाया कि शिकायतकर्ता को ऑर्डर किया गया उत्पाद नहीं मिला, बल्कि अलग मोबाइल भेजा गया था। आयोग ने माना कि शिकायत के समाधान में विफल रहना सेवा में कमी और अनुचित व्यापारिक आचरण की श्रेणी में आता है।
आयोग ने अपने आदेश में कहा कि दोनों कंपनियां शिकायतकर्ता से मोबाइल अपने खर्च पर वापस लें और 9,728 रुपये की राशि 9 प्रतिशत वार्षिक ब्याज सहित लौटाएं। वैकल्पिक रूप से शिकायतकर्ता को समान या उच्च मॉडल का नया मोबाइल फोन भी उपलब्ध कराया जा सकता है। इसके अलावा मानसिक परेशानी के लिए 3,000 रुपये मुआवजा और 2,000 रुपये मुकदमा खर्च भी अदा करना होगा। आयोग ने आदेश का अनुपालन 45 दिनों के भीतर करने के निर्देश दिए हैं।
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